डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के तत्वावधान में सादाबाद एसओ द्वारा अधिवक्ता हरीबाबू शास्त्री के साथ किए गए अमानवीय व्यवहार के विरोध में अधिवक्ताओं ने गुरुवार को अनशन शुरू कर दिया। अधिवक्ताओं ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। कोई भी पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी न्यायालय परिसर में नहीं आ जा सके, इसके लिए रास्ता भी जाम किया।
जेल से आने-जाने वाले वाहनों को भी रोका गया। अधिवक्ताओं के आंदोलन को देखते हुए न्यायिक अधिकारियों ने बड़ी संख्या में पुलिस बल बुला लिया, जिससे न्यायालय परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। अधिवक्ताओं ने जनपद न्यायाधीश को सीएम के नाम संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा। अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि 25 अगस्त को न्यायिक कार्य से विरत रहकर सुबह नौ बजे दाऊजी मंदिर पर उपस्थित होकर प्रदर्शन की शुुुरुआत की जाएगी। आंदोलन को तेज गति देने का निर्णय लिया गया। अधिवक्ताओं ने ऐलान किया कि जब तक पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी एसओ सादाबाद के खिलाफ कोई वैधानिक कार्रवाई नहीं करते, तब तक किसी भी सूरत में आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
अधिवक्ताओं ने मेला श्रीदाऊजी महराज का शुभारंभ करने आ रहे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को काला झंडा दिखाए जाने के लिए भी रणनीति तैयार की। इस दौरान तैनात पुलिस फोर्स से कैसे निपटा जाएगा, इस पर भी रणनीति बनाई गई। अध्यक्षता बार अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने की और संचालन सचिव दिनेश कुमार बंसल ने किया। मुख्य रूप से सीपी शर्मा, राकेश शर्मा, हरीश कुमार शर्मा, लक्ष्मीकांत सारस्वत, चौधरी वीरेदं सिंह, सुनीलदत्त शर्मा, उमेश गुप्ता, राजीव तिवारी, बालकिशन उपाध्याय, अजय भारद्वाज, अतुल आंधीवाल, विश्वास बहादुर पुढ़ीर, दिनेश भारद्वाज, नीलकमल कुलश्रेष्ठ, विपिनपाल, अरविंद उपाध्याय, पवन शर्मा, बाबू सिंह जादौन, आदि अधिवक्तागण अनशन पर बैठे।