निबंधन कार्यालयों के निजीकरण के विरोध में शनिवार को वकीलों ने नारेबाजी की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
वकीलों ने कहा कि सरकार निबंधन कार्यालयों का निजीकरण करने का सरकार प्रयास कर रही है। पहले ही निबंधन कार्यालय में सर्वर न आने पर लोग परेशान रहते हैं। बैनामा करने के लिए दूर-दराज से आने वाले लोगों को दो-तीन दिन तक परेशान होना पड़ रहा है। निबंधन कार्यालय का निजीकरण होने से कातिब, वकील और निबंधन कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों का रोजगार समाप्त हो जाएगा।
इस दौरान हिम्मत सिंह, अरुण कुमार सिंह, प्रदीप कुमार सिंह, चित्रवीर सिंह, देशवीर सिंह, राजपाल सिंह, प्रेमपाल सिंह, सतीश शर्मा, मनोज सिंह, महेश कुमार, छोटेलाल दिवाकर, जितेंद्र सिंह, सोनपाल सिंह मौजूद रहे।