खैर के बाद अब इगलास के वकीलों ने भी तहसील के सभी न्यायालयों में न्यायिक कार्य का बहिष्कार शुरू कर दिया है। वकीलों ने न्यायालयों में समय से मुकदमों का निस्तारण न होने और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
तहसील बार एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसील के न्यायालयों का वकीलों ने अनिश्चितकाल के लिए बहिष्कार शुरू कर दिया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अध्यक्ष विजय वर्मा और सचिव श्याम सिंह ठेनुआं ने बताया कि शुक्रवार को तहसील बार एसोसिएशन की बैठक हुई।
इसमें वकीलों ने शिकायत रखी कि एसडीएम सहित तहसीलदार, नायब तहसीलदार गोरई व नायब तहसीलदार हसनगढ़ के न्यायालयों में मुकदमों का समय से निस्तारण नहीं किया जा रहा है। तहसील न्यायालयों में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया।
वकीलों का कहना था कि तहसीलदार के न्यायालय में अविवादित मुकदमों में भी आदेश पारित नहीं किए जा रहे हैं। इससे वादकारियों को परेशानी हो रही है। ऐसी परिस्थिति में निर्णय लिया गया है कि जब तक प्रकरणों में सम्यक कार्रवाई नहीं की जाती, तहसील के सभी न्यायालयों का कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
एक सप्ताह में निपटें लंबित काम, तब काम पर लौटेंगे अधिवक्ता
19 सितंबर से न्यायालयों का बहिष्कार कर कार्य कर रहे अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को एसडीएम और तहसीलदार के साथ वार्ता में कहा कि विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों का एक सप्ताह में निपटारा किया जाए। इसके बाद बैठक बुलाई जाए तब अधिवक्ता न्यायिक कार्य में लौटने पर विचार करेंगे।
तहसीलदार की ओर से बार एसोसिएशन को पत्र भेजकर वार्ता के लिए बुलाया गया था। इस पर शुक्रवार को एसडीएम और तहसीलदार के साथ वार्ता में अधिवक्ता शामिल हुए। एसडीएम और तहसीलदार ने अधिवक्ताओं की समस्याओं का जल्द निस्तारण कराने का आश्वासन दिया।
उधर अध्यक्ष ठाकुर अमर सिंह जादौन, चौधरी यशवीर सिंह, संजय शर्मा, अजय चौहान, बनवारी लाल सारस्वत, घनश्याम शर्मा, जितेंद्र गौतम, विजयकांत, आनंद गौतम ने बताया कि एसडीएम और तहसीलदार से साफ-साफ कहा गया है कि वह चाहते हैं कि न्यायालयों का बहिष्कार छोड़कर अधिवक्ता फिर से काम पर लौटें तो तहसील में लंबित वादों का एक सप्ताह के अंदर निपटारा कराएं। इसके बाद बैठक बुलाई जाए। एक सप्ताह में आए परिणामों पर ही अधिवक्ता पुनः काम पर लौटेंगे, नहीं तो बहिष्कार जारी रहेगा।