हाथरस। यूपी बार कौंसिल के आह्वान पर शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय पर अधिवक्ताओं ने कलमबंद हड़ताल रखकर प्रदर्शन किया। साथ ही अधिवक्ता और उनके परिवार को गलत मामले में फंसाकर प्रताड़ित करने के विरोध में एसपी को ज्ञापन सौंपा। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
विदित हो कि प्रतापगढ़ में 15 मार्च को वरिष्ठ अधिवक्ता जवाहरलाल मिश्र और 16 मार्च को बिल्होर कानपुर नगर में अधिवक्ता जितेंद्र पाल सिंह की हत्या के साथ-साथ, अधिवक्ताओं के साथ हो रही उत्पीड़नात्मक कार्रवाई के चलते बार यूपी बार कौंसिल की 17 मार्च को सर्कुलेशन बैठक हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि 19 मार्च को सभी जिले की सभी बारों द्वारा मौन दिवस मनाया जाएगा और अधिवक्ता विरोध प्रदर्शित करेंगे। डिस्ट्रिक्ट बार के तत्वावधान में शनिवार को अधिवक्ताओं ने कलमबंद हड़ताल रखकर विरोध प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने अधिवक्ता दुर्वेश खां और उनके परिवार को राजनीतिक कारणों के चलते एक मामले में गलत फंसाए जाने पर आक्रोश जताया गया। बार के अध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा और सचिव भागीरथ शर्मा के नेतृत्व में वकीलों का प्रतिनिधि मंडल एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा से मिले और ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर पूर्व सचिव रमेशचंद्र वर्मा ने एसपी को बताया कि मामला गलत है और राजनीतिक विद्वेष के चलते अधिवक्ता को गलत फंसाया जा रहा है। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। एसपी ने निष्पक्ष जांच कराए जाने का आश्वासन दिया।
ज्ञापन देने वालों में अधिवक्ता रमेशचंद्र वर्मा के अलावा उमेश गुप्ता, युवराज शर्मा, गौतेंद्र सिंह, संजय दीक्षित, दिनेश गौतम, अजय रावत, ठा. विशंभर सिंह, सुलेमान, एआर खान, गिरीश रावत, गौतेंद्र आदि अधिवक्तागण मौजूद थे।