एसपी ने बताया कि इतनी बड़ी मात्रा में माल सीधे कंपनी या माल वाहक वाहन से चोरी का हो सकता है। संभावना जताई जा रही है कि यह गिरोह अंतरराज्यीय हो भी हो सकता है, जो कंपनी से सीधे माल पार करता है। किसी माल वाहक वाहन से चोरी की भी संभावना है, इसलिए पुलिस अपने वेब पोर्टल व अन्य माध्यमों से इस तरह की घटना का पता लगाने में जुटी है। यह भी संभावना है कि माल और भी हो, जिसे इस गिरोह ने कहीं और ठिकाने लगाया हो। एसपी ने बताया कि चोरी का यह माल लैपटॉप आदि के मैक एड्रेस से छेड़छाड़ करके बेचा जाता है।
बड़ी बरामदगी के बीच कोतवाल का ट्रांसफर
इस बड़ी कार्रवाई के बीच ही दो नवंबर की रात को पुलिस अधीक्षक ने सिकंदराराऊ के कोतवाली निरीक्षक विजय कुमार सिंह को हटाकर अपराध शाखा भेज दिया। उनकी जगह सहपऊ से निरीक्षक शिवकुमार शर्मा को कोतवाली सिकंदराराऊ का चार्ज दिया गया। पुलिस कार्रवाई का श्रेय भी नए कोतवाल को मिला है। बड़ी बात है कि उनके आते ही इतनी बड़ी सूचना मुखबिर से पुलिस को मिली। बहरहाल पूरा घटनाक्रम पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है।