रोडवेज बसों में सुविधाओं का टोटा है। हाथरस डिपो की अधिकांश बसें बीच रास्ते में यात्रियों को धोखा दे रहीं हैं। इस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों का कहना है कि पहले बसों में सुविधाएं दी जाएं। उसके बाद किराए की दरों को बढ़ाया जाए।
हाथरस डिपो में 77 बसें हैं। ये बसें लोकल से लेकर लंबे रूट तक संचालित होती हैं। इनमें अधिकतर बसें धक्के से चालू होती हैं। आए दिन बीच रास्ते में खराब भी हो जातीं हैं। इन बसों में सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रोडवेज द्वारा 25 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराए को बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। यात्रियों का कहना है कि पहले सुविधाएं बढ़ाएं, उसके बाद किराया।
बसों का संचालन सही तरीके से चल रहा है। खामियों को दूर करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। नई बसें जल्द आने की उम्मीद है।
-पवन कुमार, फोरमैन हाथरस डिपो
हाथरस डिपो की बसें पहले से काफी पुरानी हैं। ये बसें बीच रास्ते में खराब हो जातीं हैं। पहले बसों को ठीक करें, उसके बाद किराया बढ़ाएं।
-हरवीर, यात्री
निगम स्तर से 25 पैसा प्रति किलोमीटर किराया बढ़ाने जाने की तैयारी की जा रही है। यह बिल्कुल सही नहीं है। पहले बसों में यात्रियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं की जाए।
-हिंमांशु शर्मा, यात्री
पहले से ही किराए की दरें बढ़ी हुई हैं। अब 25 पैसा प्रतिकिलोमीटर और बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। पहले बसों को दुरुस्त करें। फिर किराया बढ़ाया जाए।
-चेतन चौधरी, यात्री
बसें में बैठने वाली सीटों की स्थिति सही नहीं है। साथ ही बसें आए दिन बीच रास्ते में खराब हो जाती हैं। किराया बढ़ाया जाना गलत है।
-सौदान सिंह, यात्री