बिजली का बिल नहीं चुका पाने का सदमा एक मजदूर के लिए जानलेवा बन गया। परिजनों की मानें तो शुक्रवार को बिजली विभाग की टीम ने बकाया अदायगी के लिए इस मजदूर पर दबाव बनाया, जिसके बाद उसकी तबियत बिगड़ गई। उसे उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। परिजन उसकी मौत के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। एसडीएम सासनी ने भी राजस्व टीम भेजकर मजदूर की मौत की जांच करवाई, लेकिन प्रशासन इसे स्वाभाविक मौत मान रहा है।
बरसै निवासी रामजीलाल (62 वर्ष) पर बिजली बिल का करीब 70 हजार रुपये का बकाया था। बताते हैं पूर्व में उनका कनेक्शन भी बकाए पर कट चुका था। हालांकि परिजनों का कहना है कि रामजीलाल का मकान झोंपड़ीनुमा है और उसमें एक बल्ब के अलावा कुछ नहीं चलता। पंखा तक नहीं है। यही वजह है कि रामजीलाल इस बिल को गलत बताकर इसे सही कराने की गुहार बिजली अधिकारियों से लगा चुका था। परिजनों के मुताबिक शुक्रवार को गांव में बिजली विभाग की एक टीम आई और रामजीलाल से बकाया धनराशि में से कम से कम 10 हजार रुपये तुरंत जमा कराने को कहा। यह भी कहा कि अगर पैसा जमा नहीं किया तो उन्हें जेल जाना पड़ सकता है।
परिजनों के मुताबिक यह सुनकर रामजीलाल सदमे में आ गए। टीम तो चली गई, लेकिन उसके बाद उन्हें हार्ट अटैक पड़ गया। उन्हें तत्काल नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान उन्हें एक और हार्ट अटैक पड़ा और उनकी मृत्यु हो गई। उन्हाेंने अपने पीछे पत्नी के अलावा तीन बच्चों को बिलखते हुए छोड़ा है। दो बड़े बेटे हैं और सबसे छोटी बेटी है। बेटी की शादी हो चुकी है। बेटे अभी कुंवारे हैं। रामजीलाल की मृत्यु से परिजन सदमे की हालत में हैं। परिवार में कोहराम मचा हुआ है। रामजीलाल मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते थे।