प्रॉपर्टी डीलर वेदप्रकाश उर्फ सोने हत्याकांड में कुख्यात कमल व गौरव को दिल्ली की अशोक विहार पुलिस ने शनिवार को अवैध असलहे के साथ गिरफ्तार कर लिया। 25-25 हजार रुपये के इनामी दोनों भाई हत्या के बाद से ही पुलिस को तलाश थी। पुलिस के कड़े पहरे के कारण यहां सरेंडर नहीं कर सके थे। हत्याकांड में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
दिल्ली वाला चौक के वेदप्रकाश उर्फ सोनू का पड़ोसी कमल व गौरव से दो साल से मकान का विवाद चल रहा था। हत्या से 15 दिन पहले फिर से यह विवाद जिंदा हो गया था। इसमें दोनों पक्ष की ओर से शिकायतें की गई थीं। छह अप्रैल की रात को दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। इस बार दोनों भाई कमल व गौरव पर खून सवार था।
अपने दोस्तों के साथ मिलकर दोनों वेदप्रकाश को उठाकर अपनी फैक्टरी पर ले गए। वहां 15 से 20 युवकों ने वेदप्रकाश के साथ मारपीट की तथा यातनाएं दीं, जिसमें उनकी मौत हो गई। सात अप्रैल की सुबह शव सहपऊ क्षेत्र में नाले में मिला था। मृतक की बहन ने कमल व गौरव के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो एक-एक कर 10 की गिरफ्तारी हुई।
कुख्यात कमल व गौरव का एनकाउंटर तय माना जा रहा था। शहर में भी इसकी चर्चा थी। इसी डर से पिछले सोमवार से दोनों भाई सरेंडर होने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पुलिस के पहरे ने ऐसा नहीं होने दिया। रविवार को जानकारी मिली कि शनिवार को दोनों की गिरफ्तार के अशोक विहार थाना क्षेत्र में हुई है। पुलिस ने दोनों को अवैध हथियार में गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि जानकारी मिली है कि दोनों की दिल्ली में गिरफ्तारी हुई है। अभी दिल्ली पुलिस की ओर से अधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। मामले में सूचना प्राप्त होने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
पहले ही जताई दी आशंका
13 अप्रैल को दोनों भाई न्यायालय में समर्पण नहीं कर सके थे। दोनों को एनकाउंटर का डर था। अमर उजाला ने पहले ही दोनों के नाटकीय ढंग से गिरफ्तार होने की आशंका जाहिर कर दी थी। इस संबंध में 16 जनवरी को अंक में खबर भी प्रकाशित की थी, जिसमें दिल्ली-एनसीआर में पुलिस की तलाश का जिक्र किया था।