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ममता हुई शर्मसार: कलयुगी बेटे ने मां के बांधे हाथ-पैर, मुंह में ठूंसा कपड़ा, फिर किया ऐसा कुछ कि सब रह गए सन्न

Sat, 29 Aug 2026 12:53 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

यूपी के हाथरस जनपद अंतर्गत सिकंदराराऊ के एक गांव निवासी बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उस पर अपनी मां के साथ गंदा काम करने का आरोप है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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आरोपी बेटा गिरफ्तार - फोटो : एआई
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विस्तार
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मां-बेटे के पवित्र रिश्ते को शर्मसार करने वाला एक मामला यूपी के हाथरस जनपद में सिकंदराराऊ कोतवाली अंतर्गत एक गांव से आया है। कलयुगी बेटे ने सोती हुई मां के पहले हाथ-पांव बांधे, फिर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और उसके बाद रिश्ते को तार-तार करने वाली गंदी हरकत को अंजाम दे दिया। 

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सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में शर्मसार करने वाली वारदात हुई। बृहस्पतिवार की रात्रि में 23 वर्षीय बेटे ने शराब के नशे में अपनी ही 63 वर्षीय मां के साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि आरोपी ने सोती हुई मां के हाथ-पैर बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। पीड़िता के बड़े बेटे ने छोटे भाई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।

प्राथमिकी में बड़े बेटे ने कहा है कि बृहस्पतिवार की रात्रि में उनकी मां अपने घर में आराम से सो रही थीं, तभी उनका छोटा भाई शराब के नशे में धुत होकर घर आया। उसने मां को दबोच लिया और उसके साथ दुष्कर्म को अंजाम दिया। वारदात के बाद आरोपी घर से भाग गया। कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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सीओ अमित पाठक ने बताया की बड़े बेटे की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पीड़िता को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया है। ग्रामीणों के अनुसार आरोपी आपराधिक मानसिकता का है और कुछ माह पूर्व ही एटा जिले के एक मामले जेल से जमानत छूटकर आया है। आरोपी की शादी नहीं हुई है। आरोपी दो भाई हैं। एक भाई नोएडा में नौकरी करता है। वह रक्षाबंधन पर घर आया हुआ था।
                           

शराब केवल एक उत्प्रेरक का काम करती है, लेकिन इस स्तर की घटना के पीछे व्यक्ति की गहरी मानसिक विकृति और क्रिमिनल माइंडसेट जिम्मेदार होता है। शराब दिमाग के उस हिस्से को सुन्न कर देती है, जो सही-गलत का फैसला करता है और हमारे संवेगों पर नियंत्रण रखता है। अत्यधिक नशे की हालत में व्यक्ति का अपनी नैतिक चेतना से संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। ऐसे मामलों में अक्सर अपराधी एंटी-सोशल पर्सनालिटी डिसऑर्डर से ग्रस्त होते हैं। ऐसे व्यक्तियों में समाज के नियमों के प्रति कोई सम्मान नहीं होता और उनमें सहानुभूति, दया या अपराधबोध की भावना पूरी तरह खत्म हो जाती है। अत्यधिक शराब या नशीले पदार्थ दिमाग का रसायनों संतुलन बिगड़ जाता है। इससे व्यक्ति में विकृत यौन मानसिकता और असीम आक्रामकता का जन्म होता है। वह रिश्ते, उम्र और सामाजिक मर्यादाओं का फर्क भूल जाता है।-ललित कुमार, क्लीनिकल साइक्लॉजिस्ट, मन कक्ष, जिला अस्पताल 
युवक आपराधिक प्रवृत्ति का है। हर समय नशे में रहता है। एटा में भी उसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज है। चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान महिला का आंतरिक परीक्षण हुआ है। स्लाइड तैयार की गई हैं, जो जांच को भेजी जाएंगी। -अमित पाठक, सीओ सिकंदराराऊ

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