पुरातत्व विभाग की टीम से मंदिर कक्ष में वार्ता करते भाजपाई।
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
जिला प्रशासन और भाजपा नेताओं की पहल पर सोमवार को आगरा और मथुरा से पुरातत्व विभाग की टीम यहां ऐतिहासिक मंदिर श्री दाऊजी महाराज पर आई। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीक्षण पुरातत्वविद् ने डीएम के साथ स्थिति का जायजा लिया और सर्वे किया। वहां मौजूद भाजपा जिलाध्यक्ष, नगर पालिकाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिवक्ताओं व अन्य लोगों को टीम ने यह भरोसा दिलाया कि इस माह के अंदर मंदिर के क्षतिग्रस्त हुए शिखर कलश फिर से स्थापित करा दिए जाएंगे और इसके लिए शासन से वित्तीय व प्रशासनिक अनुमति भी ले ली जाएगी।
उल्लेखनीय है कि चार दिन पहले दिन ऐतिहासिक मंदिर श्री दाऊजी महाराज का शिखर क्षतिग्रस्त हो गया था। पुरातन महत्व के इस मंदिर के शिखर कलश से क्षतिग्रस्त होने से लोगों में खासा आक्रोश था। रविवार को इसे लेकर डीएम से भाजपा जिलाध्यक्ष गौरव अग्रवाल, विधायक सिकंदराराऊ वीरेंद्र सिंह राना, विधायक हाथरस हरीशंकर माहौर व वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश शर्मा मिले थे। तब डीएम ने आगरा में पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को फोन किया था और यहां सर्वे हेतु बुलाया था। इस पर पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीक्षक पुरातत्वविद बंसतलाल स्वर्णकार अपने अधीनस्थों के साथ यहां मंदिर श्री दाऊजी महाराज पहुंचे। उनके साथ डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार, एसडीएम सदर रामजी मिश्र भी थे।
वहां भाजपा जिलाध्यक्ष गौरव आर्य, नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा, भाजपा नगर अध्यक्ष शरद माहेश्वरी, कृष्णमुरारी वार्ष्णेय, रमेश राजपूत भी पहुंच गए। किला संरक्षण को लेकर काफी प्रयास कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश कुमार शर्मा ने अपनी मौजूदगी में कई अहम मसले पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के समक्ष उठाए। इस मौके पर आगरा के आए अधीक्षक पुरातत्वविद ने सर्वे किया। मदिर के क्षतिग्रस्त कलश देखे और यह आश्वासन दिया कि वह अपनी रिपोर्ट डायरेक्टर जनरल को भेजेंगे। जल्द ही स्वीकृति मिल जाएगी और यहां शिखर पर माह माह के अंदर ही फिर से शिखर पर कलश स्थापित कर दिए जाएंगे। कुछ अधिवक्ताओं ने भी उन्हें ज्ञापन दिया। वहीं नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा ने भी मांग की है कि नगर हाथरस की ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा व संरक्षण हेतु प्रयास किए जाएं। नगर पालिकाध्यक्ष ने उन्हें बताय ाकि वह अपने शपथ ग्रहण के बाद से ही एतिहासिक इमारत के मरम्मत व जीर्णोद्धार का प्रयास कर रहे हैं। इसे लेकर बोर्ड में प्रस्ताव भी पारित हो चुका है।