निरीक्षण को हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन पहुंचे पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम निखिल पांडेय की नजर जब स्टेशन पर बने काका हाथरसी स्मारक के गेट पर पड़ी तो उनका पारा चढ़ गया। टूटा गेट देख वह बेहद नाराज हुए और उन्होंने अधिकारियों को स्मारक की दुर्दशा पर लताड़ा। डीआरएम ने स्मारक के सौंदर्यीकरण के अलावा स्मारक में लाइटिंग कराने व काका की कविता को दोबारा बेहतर पेंट कराने के निर्देश दिए हैं।
इससे पहले डीआरएम ने अपने निरीक्षण के दौरान पार्किंग, एटीवीएम मशीन, बुकिंग काउंटर, प्रतीक्षालय, शौचालय, मरम्मत कार्यों, निर्माण कार्यों आदि का जायजा लिया। उन्हाेंने निर्माणाधीन पैदल ओवरब्रिज को जल्द पूरा कराने और यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी के निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में घटिया क्वालिटी की पीली ईंट लगाने, हाल ही में लगी टाइल्सों को हटाकर दूसरी टाइल्स लगाने और स्टेशन पर मौजूद गंदगी व अव्यवस्था पर भी गहरी नाराजगी जताई और अधिकारियों को ऐसा न करने की हिदायत दी। निरीक्षण के दौरान उनके साथ सीनियर डिविजनल इंजीनियर वीके गुप्ता, गौरव गुप्ता, मानसी मित्तल, सीएल शाह, विपिन सारस्वत आदि मौजूद रहे।
स्वामी विवेकानंद का शिलालेख नहीं
पत्रकार वार्ता के दौरान डीआरएम निखिल पांडेय ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सिटी स्टेशन पर स्वामी विवेकानंद का शिलालेख नहीं लगाया जा सकता। रेलवे ने स्टेशनों पर कोई भी नया शिलालेख लगाने पर रोक लगा रखी है। हालांकि डीआरएम के साथ मौजूद डिविजनल इंजीनियर वीके गुप्ता ने इतना भरोसा दिलाया कि स्वामी विवेकानंद के यहां आने के ऐतिहासिक दिन का उल्लेख एक दीवार पर पेंट कर किया जा सकता है। मालूम हो कि स्वामी विवेकानंद ने हाथरस सिटी स्टेशन के मास्टर शरत चंद्र गुप्त को अपना पहला शिष्य बनाया था। स्टेशन पहुंचे स्वामी विवेकानंद ने स्टेशन मास्टर गुप्त को सदानंद नाम भी दिया था।
ओवरब्रिज पर रेलवे को नहीं मिला जवाब
डीआरएम निखिल पांडेय ने एक सवाल के जवाब में कहा कि ओवरब्रिज को लेकर शासन से निर्माण की स्वीकृति नहीं मिली है। इस संबंध में शासन को पत्र भी लिखा गया था, लेकिन अभी तक कोई जवाब राज्य सरकार से नहीं मिला है।
चेयरमैन ने डीआरएम से की स्टॉपेज की मांग
हाथरस सिटी स्टेशन के निरीक्षण को पहुंचे डीआरएम सड़क के रास्ते मथुरा से यहां आए थे। मुरसान स्टेशन पर निरीक्षण को लेकर तैयारियां की गई थीं, लेकिन डीआरएम वहां नहीं रुके। चेयरमैन देशराज सिंह ने मुरसान कस्बे में ही डीआरएम की कार रोककर उनसे मुलाकात की और मुरसान में एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग की। डीआरएम ने मांग पर गौर करने का भरोसा दिलाया है।