फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोडवेज बस ने तीन को रौंदा, मौके पर ही मौत

Wed, 08 Feb 2017 11:36 PM IST
अमर उजाला, हाथरस
विज्ञापन
दुर्घटना करने वाली बस तथा उसके नीचे पड़ी बाइक। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कस्बा में एनएच 91 पर एटा रोड के गांव भिसी मिर्जापुर के समीप रोडवेज बस ने तीन जानें ले ली। सबसे पहले एक बाइक सवार को कुचल दिया। यह बाइक सवार अपनी दो बेटियों के साथ मैनपुरी जा रहा था। हादसे में बाइक सवार और उसकी 15 वर्षीय एक पुत्री की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 वर्षीय दूसरी पुत्री गंभीर रूप से घायल हो गई। टक्कर के बाद बाइक बस के पहिए में अटक कर दूर तक घिसटती रही। इस दौरान हड़बड़ाए रोडवेज बस के चालक ने आगे जा रहे साइकिल सवार किसान को कुचल दिया।
विज्ञापन


 किसान की भी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक बस और यात्रियों को छोड़कर भाग खड़े हुए। यूपी 100 की गाड़ी को फोन करने के  बाद भी काफी देर एंबुलेंस और पुलिस की मदद नहीं मिलने से गुस्साए ग्रामीणों ने बस में जमकर तोड़फोड़ कर दी। एक अन्य बस में भी तोड़फोड़ की गई। 

जानकारी के अनुसार मैनपुरी निवासी उपेंद्र पुत्र जगदयाल नोएडा से बाइक पर अपनी दो पुत्रियों काजल (15 वर्ष) और मुसकान (10 वर्ष) के साथ मैनपुरी जा रहे थे। बाइक पर बैग और अन्य सामान भी था। गांव भिसी के समीप पीछे से आ रही हरदोई डिपो की बस ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर से बाइक बस के अगले पहिए के नीचे आ गई। बाइक बस के साथ काफी दूर तक घिसटती गई। हादसे में उपेंद्र और काजल की मौके पर मौत हो गई।
विज्ञापन


मुस्कान गंभीर रूप से घायल हो गई। इसकी सूचना तुरंत यूपी 100 की टीम को दी गई, लेकिन वो काफी देर तक नहीं पहुंची। मुस्कान को टेंपो से सिकंदराराऊ के अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया। बाइक को रौंदने के बाद बस अनियंत्रित हो गई और आगे साइकिल पर भिसी गांव जाते किसान सुघड़पाल पुत्र नेम सिंह (55 वर्ष) को कुचल दिया, जिससे उसकी भी घटनास्थल पर मौत हो गई। इधर, गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर अवरोध डालकर रास्ता जाम कर दिया। दुर्घटना करने वाली बस को भी पत्थर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया।

इधर, एक दूसरी बस जो एटा की तरफ से सिकंदराराऊ की तरफ आ रही थी, के चालक ने घबराकर बस को वापस एटा की तरफ  मोड़ना चाहा तो ग्रामीणों ने उस पर पथराव कर दिया और उसके शीशे तोड़ दिए। पुलिस को भी लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। एसडीएम सिकंदराराऊ केहरी सिंह और सीओ सिकंदराराऊ राकेश वशिष्ठ घटनास्थल पर पहुंच गए। ग्रामीणों को जाम खोलने के लिए समझाने लगे। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक मैनपुरी से उपेंद्र के परिजन नहीं आ जाएंगे। तब तक जाम नहीं खोलेंगे। पुलिस ने मृतक उपेंद्र के परिजनों को सूचित कर दिया था। समाचार लिखे जाने तक मौके पर जाम लगा हुआ था। जाम में फंसे वाहनों  की सवारी टेंपुओं में बैठकर सिकंदराराऊ तक पहुंचीं।

गुड़िया देखकर भर आईं आंखें...
 बस हादसे में मृत काजल (15 वर्ष) की क्षत-विक्षत लाश के पास पड़ी गुड़िया को देखकर पत्थर दिल भी पसीज गए। कहा जा रहा था कि यह गुड़िया घायल मुसकान की थी। मृत काजल के खेलने के लिए बैडमिंटन रैकेट टूटा-फूटा पड़ा था। सड़क पर पड़ी गुड़िया की बंद आंखों को देखकर लग रहा था कि हादसे के बाद वह किस कदर सदमे की हालत में थी।

देर से एंबुलेंस-पुलिस पहुंचने पर गुस्सा
एसडीएम सिकंदराराऊ को घटनास्थल पर ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप था कि 100 नंबर एंबुलेंस पर फोन करने के बाद भी न तो काफी देर तक एंबुलेस आई और नहीं पुलिस। यही ग्रामीणों के गुस्सा का कारण रहा। ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ  जमकर नारेबाजी की। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें