शनिवार की सुबह सराफा कारोबारी पीड़ित के साथ कोतवाली पर पहुंच गए। इन कारोबारियों ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए और रिपोर्ट दर्ज कर घटना का अतिशीघ्र खुलासा करने और स्कूटी व गहनों की बरामदगी करने की मांग की। सीओ ने इन्हें शीघ्र घटना के खुलासे का भरोसा दिया और बताया कि पुलिस बदमाशों की तलाश में लगातार दबिश भी दे रही है, घटना का जल्द खुलासा हो जाएगा।
इधर, इन घटनाओं के मद्देनजर एसपी ने सादाबाद कस्बा के इंचार्ज सत्यवीर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। एसपी के पीआरओ ने बताया कि अब उनके स्थान पर उपनिरीक्षक रामनरेश ने कार्यभार संभाला है।
सादाबाद कोतवाली पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए शनिवार को पीड़ित सराफा कारोबारी के पड़ोसी दुकानदारों से भी घटना के संबंध में पूछताछ की और साक्ष्य जुटाए। दुकान के आसपास होने वाली गतिविधियों व वीडियो में दिखाई दे रहे बदमाशों के बारे में पूछताछ की गई है।
नौ सेकेंड वारदात कर भाग गए बदमाश
बदमाशों ने सराफ से लूटपाट की घटना को महज नौ सेकेंड में अंजाम दिया। इस दौरान वहां काफी लोग जमा थे, लेकिन सब तमाशबीन बने रहे, जब तक वह समझ पाते बदमाश फरार हो गए। घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। इसमें दिख रहा है कि मनोज कुमार वर्मा अपने पुत्र हर्ष के साथ स्कूटी से करबन नदी के पुल के नजदीक स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के सामने पहुंचे और सड़क पार करने की कोशिश कर ही रहे थे, तभी वहां से पहले से पटरियों पर बैठा एक बदमाश उठकर स्कूटी की तरफ आगे बढ़ा, सामने से भी दो युवक आए। स्कूटी पर सवार हर्ष की आंखों में मिर्च का पाउडर मारा और पीछे वाले ने स्कूटी गिराई और थैला छीन लिया। स्कूटी लेकर एक लुटेरा अलग दिशा में और दो लुटेरे अलग दिशा में भाग गए। माना जा रहा है कि किसी ने फोन पर सराफ और उसके बेटे के दुकान बंद कर निकलने की जानकारी दी है।
एक दिन पहले की थी रेकी
सादाबाद। बदमाशों ने एक दिन पहले भी रेकी की थी। पीडित सराफ मनोज वर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार को भी चारों बदमाशों को शाम करीब छह बजे बैंक के पास खड़े देखा था। उस समय उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह लूट की योजना बना रहे हैं और उनकी निगरानी कर रहे हैं। बदमाशों ने पहले तय किया हुआ था कि कहां वारदात करनी है और कहां से भागना है।