छात्रों के मार्च की सूचना पर एसडीएम धर्मेंद्र सिंह पुलिस के मौके पर पहुंचे। तब तक छात्र विद्यालय से करीब तीन किलोमीटर आगे टोल प्लाजा तक आ चुके थे। पुलिस ने इन्हें रोकना शुरू किया तो छात्र भड़क गए और सड़क पर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान कांवड़िये भी यहां से गुजर रहे थे। बाइकों और गाड़ियों में डीजे लेकर जा रहे कांवड़ियों के रेले से कोई हादसा न हो जाए, एसडीएम ने छात्रों को बराबर में बन रही निर्माणाधीन सड़क पर जाने के लिए कहा। उन्होंने कुछ छात्रों को उधर की ओर धकेला भी, इसके बाद छात्र उधर जाकर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। ये डीएम को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे।
एसडीएम ने समझाया कि वह उनकी समस्याओं पर प्रधानाचार्य से बात करेंगे। स्कूल का निरीक्षण भी करेंगे, लेकिन छात्र नहीं माने। करीब तीन घंटे बाद सोमवार सुबह साढ़े 11 बजे एडीएम वित्त एवं राजस्व वसंत अग्रवाल और अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार इनके बीच पहुंचे और समझाया। दोनों अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि स्कूल का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट डीएम को देंगे और समस्याओं का समाधान कराएंगे।
इसके बाद छात्र मान गए और अधिकारियों के साथ विद्यालय पहुंचे।बाद में छात्रों को पुलिस की गाड़ियों से स्कूल भिजवाया गया। एडीएम वित्त एवं राजस्व डॉ. बसंत अग्रवाल ने विद्यालय परिसर में पहुंचकर छात्रों की समस्या सुनीं। उन्होंने बताया कि मौके पर कुछ समस्याओं का समाधान करा दिया गया है। विद्यालय प्रशासन को जल्द ही सभी समस्याओं के निस्तारण कराकर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।