लाखन खेतों की तरफ काम से गए थे। वहां से लौटते समय वह पैदल रेलवे ट्रैक से होते हुए घर आ रहे थे। तभी पीछे से आ रही भरतपुर-कासगंज पैसंजर की चपेट में आ गए। ग्रामीण व परिजनों ने मोबाइल प्रयोग की आशंका जाहिर की, जिस कारण उन्हें ट्रेन का आभास नहीं हो सका।
हाथरस में हसायन के गांव बसतोई में भरतपुर-कासगंज पैसंजर की चपेट में आकर जनसेवा केंद्र संचालक की मौत हो गई। घटना के समय रेलवे ट्रैक पर चलते हुए घर लौट रहा था। हादसे से परिवार में कोहराम मचा है। हसायन पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया है।
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मूलरूप से निधौली कला (एटा) के गांव शांतिपुर के रहने वाले लाखन (23) पुत्र सोहन सिंह बचपन से ही अपने मौसा प्रेमपाल के घर गांव बसतोई में रहते थे। लाखन यहां बसतोई अड्डा पर जनसेवा केंद्र चलाते थे। डेढ़ साल पहले उनकी शादी हुई थी। दो माह पहले ही पत्नी ने बेटी को जन्म दिया था। 1 दिसंबर की सुबह जनसेवा केंद्र खोलने से पहले लाखन खेतों की तरफ काम से गए थे।
सुबह लगभग नौ बजे वहां से लौटते समय वह पैदल रेलवे ट्रैक से होते हुए घर आ रहे थे। तभी पीछे से आ रही भरतपुर-कासगंज पैसंजर की चपेट में आ गए। ग्रामीण व परिजनों ने मोबाइल प्रयोग की आशंका जाहिर की, जिस कारण उन्हें ट्रेन का आभास नहीं हो सका। घटना के बाद ट्रेन वहीं रुक गई। पुलिस को सूचना दी गई। दुर्घटना की जानकारी पर रेलवे पुलिस व हसायन पुलिस मौके पर पहुंच गई।
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दुर्घटना की जानकारी पर गांव के लोग मौके पर जमा हो गए। लाखन के घर सूचना दी गई। शांतिपुर से भी परिजन वहां पहुंच गए। शव का ऊपरी हिस्सा ट्रेन की चपेट में आया था। पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है। हसायन पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। सीओ सिकंदराराऊ जेएन अस्थाना ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।