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रावण के वध पर पंडाल में गूंजा जय श्री राम

Wed, 09 Nov 2016 12:12 AM IST
अमर उजाला, हाथरस
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शुभारम्भ करते जगद् गुरू शंकराचार्य अधोक्षानन्द जी महाराज एवं रामवीर उपाध्याय। - फोटो : अमर उजाला
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हाथरस रोड स्थित रामवती भवन प्रांगण में चल रही राम कथा के अंतिम दिन मंगलवार को कथा का शुभारंभ जगद्गुरू शंकराचार्य देवतीर्थ अधोक्षानन्द जी महाराज, एसके ग्रुप ऑफ कॉलेज के प्रबंधक एसके शर्मा, राजस्थान केसरी पहलवान चौ. ह्रकेश, पूर्वमंत्री रामवीर उपाध्याय, जिपं अध्यक्ष विनोद उपाध्याय, ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय ने दीप प्रज्वलित कर एवं पूज्य विजय कौशल जी महाराज को पुष्प अर्पित कर किया।
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कथा के  अंतिम दिन कलश यात्रा में भा शामिल होने वाली महिलाओं एवं यज्ञ में शामिल यज्ञाचार्यों का पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय ने वस्त्र भेंट कर सम्मान किया। कथा का समापन पूर्णाहुति के साथ हुआ जिसमें चिरागवीर उपाध्याय, सरोज उपाध्याय, कल्पना उपाध्याय आदि ने भाग लिया।

कथा के अंतिम दिन विजय कौशल महाराज ने लंका कांड का मार्मिक वर्णन करने हुए कहा कि लक्ष्मण और मेघनाद के मध्य घोर युद्ध हुआ। ब्रह्मशक्ति के वार से लक्ष्मण मूर्च्छित हो गये। उनके उपचार के लिये हनुमान सुसैन वैद्य को लाए। मार्गदर्शन पर हनुमान औषधि के रूप में संजीवनी ले आए। इधर, औषधि आने में विलंब देखकर राम विलाप करने लगे।
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सही समय पर हनुमान औषधि लेकर आ गये और सुषेण के उपचार से लक्ष्मण स्वस्थ हो गये। रावण द्वारा भेजे गए कुंभकरण ने युद्ध में राम के हाथों परमगति प्राप्त की। लक्ष्मण ने मेघनाद से युद्ध करके उसका वध कर दिया। राम और रावण के मध्य अनेकों घोर युद्ध हुये और अंत में रावण राम के हाथों मारा गया। विभीषण को लंका का राज्य सौंप कर राम, सीता और लक्ष्मण के साथ पुष्पक विमान से अयोध्या के लिये प्रस्थान किया। जहां राम का भव्य स्वागत हुआ।

भरत के साथ सर्वजनों में आनंद व्याप्त हो गया। वेदों और शिव की स्तुति के साथ राम का राज्याभिषेक हुआ। कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा जिससे आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर करीब तीन घंटो तक जाम की स्थिति बनी रही। कार्यक्रम का संचालन डा. गुरूदत्त भारतीय एवं संजय मिश्रा ने किया।

कथा में ज्ञानेंद्र गौतम, पूर्व मंत्री संजय राजा, पूर्व मंत्री राजाराम आनंद, बृजमोहन राही, बनीसिंह बघेल, पप्पू बघेल, सतेंद्र शर्मा, इंद्रजीत कुशवाह, राजाराम फौजी, सीपू जी महाराज, राजवीर शर्मा, रामबाबू शर्मा, अरुण शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, संजय पचौरी, पिंटू गौतम, नागेश शर्मा, आशीष दीक्षित, भानू शर्मा, लवकुश शर्मा, कमल शर्मा, राम शर्मा, अजय शर्मा, विजय गौतम, चौ. भूदेव भाटिया, लक्ष्मण सिंह, लक्ष्मीनारायन, प्रेमपाल, श्यामवीर प्रधान,  भाव सिंह, लाल बहादुर, देवी सिंह, रामवीर फौजी सहित हजारों की संख्या में भक्तगण मौजूद थे।
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