बारिश और उमस भरी गर्मी ने लोगों की त्वचा संबंधी परेशानियां बढ़ा दी हैं। जिले में इन दिनों दाद, खाज, खुजली, लाल चकत्ते और त्वचा पर दाने निकलने की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं। वातावरण में नमी के कारण फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा बढ़ गया है, जिससे बड़ी संख्या में लोग त्वचा रोगों की चपेट में आ रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में त्वचा रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रोजाना आने वाले त्वचा रोगियों का औसत आंकड़ा 200 के पार पहुंच गया है। बुधवार को सुबह 11 बजे तक त्वचा संबंधी समस्याओं से परेशान 145 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इससे पहले सोमवार को 254 और मंगलवार को 210 मरीज त्वचा रोग से संबंधित इलाज कराने अस्पताल आए थे।
एंटी-फंगल क्रीम और दवाओं की खपत बढ़ी
मरीजों की बढ़ती संख्या का असर अस्पताल के दवा वितरण केंद्र पर भी दिखाई दे रहा है। फंगल इंफेक्शन से बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाली एंटी-फंगल क्रीम और एंटी-एलर्जिक दवाओं की मांग सामान्य दिनों की तुलना में दोगुनी हो गई है। अस्पताल से प्रतिदिन 100 से 150 तक क्रीम वितरित की जा रही हैं।
त्वचा रोग विशेषज्ञ न होने से परेशानी
जिला अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने से मरीजों को सही उपचार के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। विशेषज्ञ चिकित्सक के अभाव में सामान्य फिजिशियन और अन्य स्वास्थ्यकर्मी मरीजों को परामर्श और दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। गंभीर संक्रमण वाले मरीजों को विशेषज्ञ सलाह के लिए निजी चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
बरतें सावधानी, खुद से न लगाएं क्रीम
चिकित्सकों ने बारिश के मौसम में त्वचा की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। भीगे हुए या पसीने से तर कपड़े अधिक देर तक न पहनें और कपड़ों को अच्छी तरह सुखाकर ही इस्तेमाल करें। दिन में कम से कम दो बार स्नान करें और शरीर को सूखा रखें, खासकर जांघों और उंगलियों के बीच की जगहों की सफाई का ध्यान रखें। संक्रमित व्यक्ति के तौलिया, साबुन या कपड़ों का इस्तेमाल न करें। चिकित्सकों ने बिना सलाह के मेडिकल स्टोर से स्टेरॉयड युक्त क्रीम लगाने से भी बचने की अपील की है, क्योंकि इससे संक्रमण और गंभीर हो सकता है।
सीएमएस डॉ. सूर्यप्रकाश ने बताया कि त्वचा रोग के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। फिजीशियन मरीजों को परामर्श दे रहे हैं। त्वचा रोग से संबंधित दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखा गया है। उन्होंने बताया कि त्वचा रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा जा रहा है।