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कृतार्थ हत्याकांड: पांचवीं तक थी मान्यता, आठवीं तक का प्रचार, दाखिले नौवीं-दसवीं में भी लिए

Tue, 07 Jan 2025 04:14 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

पुलिस की विवेचना में सामने आया कि बेसिक शिक्षा अधिकारी के यहां स्कूल की कक्षा पांच तक के मान्यता के प्रपत्रों में प्रधानाचार्य के रूप में रूबी राय का नाम अंकित है। स्कूल के प्रधानाचार्य के रुप में लक्ष्मण सिंह बच्चों के अंकपत्र व अन्य दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर रहे थे।
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डीएल पब्लिक स्कूल रसगवां - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हाथरस में बहुचर्चित कृतार्थ हत्याकांड के बाद सुर्खियों में आए डीएल पब्लिक स्कूल रसगवां की कक्षा पांच तक की मान्यता थी, लेकिन कक्षा आठ तक की मान्यता होने का प्रचार किया गया। जल्द 10वीं तक की मान्यता मिलने का दावा किया और कक्षा नौ व दस में दाखिले लिए। यहां कक्षा छह से 10 तक की कक्षाएं चल रही थीं और छात्र-छात्राओं को फर्जी अंक पत्र दिए जा रहे थे। पुलिस ने प्रबंधक सहित पांच के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है।

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गत 22 सितंबर को डीएल पब्लिक स्कूल के छात्रावास में रहकर कक्षा दो में पढ़ने वाले छात्र कृतार्थ की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। यह मामला सुर्खियों में आया तो विद्यालय की मान्यता की जांच की गई। बिना मान्यता स्कूल का संचालन करने पर खंड शिक्षा अधिकारी पूनम चौधरी ने थाना सहपऊ पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

इस मामले में पुलिस ने न्यायालय में दाखिल आरोपपत्र में कहा है कि प्रबंधक दिनेश बघेल ने अपने पिता जसोदन सिंह, प्रिंसिपल लक्ष्मण सिंह, अध्यापक वीरपाल, राम प्रकाश सिंह सोलंकी के साथ मिलकर स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से छलपूर्वक प्रचार किया कि हमारे विद्यालय को कक्षा आठ तक की मान्यता है। जल्द ही कक्षा 10 तक की मान्यता मिल जाएगी। लोगों को धोखा देकर आर्थिक लाभ प्राप्त करने के लिए उनके बच्चों का कक्षा छह से 10 तक में दाखिला कराया।

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बिना अनुमति हॉस्टल भी संचालित किया

बिना अनुमति के धन कमाने के लिए एक कमरे में हॉस्टल स्थापित किया गया। इस हॉस्टल में 29 बच्चे रहकर पढ़ाई कर रहे थे। हॉस्टल के नाम पर भी इन सभी के द्वारा बच्चों से अधिक धन वसूला जा रहा था। इस अवैध छात्रावास की देखरेख प्रबंधक के पिता जसोदन सिंह, अध्यापक राम प्रकाश सोलंकी व वीरपाल सिंह व कथित प्रधानाचार्य लक्ष्मण सिंह द्वारा की जा रही थी।

प्रधानाचार्य रूबी राय, अंकपत्रों पर हस्ताक्षर कर रहे थे लक्ष्मण सिंह
पुलिस की विवेचना में सामने आया कि बेसिक शिक्षा अधिकारी के यहां स्कूल की कक्षा पांच तक के मान्यता के प्रपत्रों में प्रधानाचार्य के रूप में रूबी राय का नाम अंकित है। स्कूल के प्रधानाचार्य के रुप में लक्ष्मण सिंह बच्चों के अंकपत्र व अन्य दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर रहे थे। लक्ष्मण सिंह ने कक्षा छह से नौ तक के अंकपत्रों पर भी हस्ताक्षर किए, जबकि वह जानते थे कि स्कूल केवल पांच तक की ही मान्यता है। अभिभावकों को फीस की रसीदें भी दीं।

यह था मामला
22 सितंबर को कृतार्थ की स्कूल के छात्रावास में हत्या हुई थी। इस मामले में पुलिस ने प्रबंधक दिनेश बघेल, उसके पिता जसोदन सिंह, प्रिंसिपल लक्ष्मण सिंह, अध्यापक वीरपाल, राम प्रकाश सिंह सोलंकी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था इसमें आरोप लगाया गया था कि स्कूल की तरक्की के लिए इन लोगों ने बालक कृतार्थ की बलि दी थी और परिजनों को उसकी तबीयत खराब होने की जानकारी दी। साथ ही शव को चिकित्सक के पास ले जाने की बात कही थी। कतार्थ का शव अगले दिन सुबह सादाबाद में स्कूल प्रबंधक की कार में मिला था। बाद में पुलिस ने खुलासा किया कि कक्षा आठ के छात्र ने स्कूल में छुट्टी कराने के लिए कृतार्थ की हत्या की थी। गत 23 दिसंबर को उसके खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किया। प्रबंधक सहित पांच पर हत्या के साक्ष्य मिटाने और पुलिस को गुमराह करने का आरोप लगाया था
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