नगर पालिका सिकंदराराऊ से चेयरमैन पद के लिए समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में विजेंद्र सिंह जाटव की पत्नी सीमा देवी के घोषित होते ही सपा दो फाड़ हो गई। पूर्व पालिका चेयरमैन पति इकराम कुरैशी को सपा ने छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है।
इधर, इकराम कुरैशी ने भी लखनऊ जाकर कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण कर ली है। इस घटनाक्रम के क्षेत्र में दिलचस्प सियासी मुकाबले के आसार बन गए हैं। हालांकि क्षेत्र की सियासी तस्वीर पूरी तरह तो नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
बता दें कि सपा में प्रारंभ से ही चेयरमैन पद की टिकट को लेकर घमासान शुरू हो गया था। पार्टी जिलाध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य ओमवती यादव ने जैसे ही जिला पंचायत सदस्य विजेंद्र सिंह जाटव की पत्नी सीमा देवी को प्रत्याशी बनाने के प्रयास शुरू किए, वैसे ही इकराम कुरैशी बागी हो गए। इकराम किसी और को टिकट दिलवाना चाह रहे थे।
बताया जाता है कि एससी महिला सभासद सरोज देवी के लिए इकराम ने टिकट मांगा था। जब उनकी बात नहीं मानी गई तो उन्होंने पार्टी छोड़ दी और कांग्रेस का दामन थाम लिया। कांग्रेस ने सरोज देवी को सिंकदराराऊ से प्रत्याशी बनाया है। इधर, सपा जिलाध्यक्ष ओमवती यादव ने जब इकराम के बागी तेवर देखे तो उन्हें आनन-फानन पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। अब सवाल यह उठ रहा है कि इकराम के सपा छोड़ने के बाद मुस्लिम मतों का रुझान किस तरफ रहेगा।