गांव कजरौठी में हुई पंचायत में मौजूद अधिकारी व ग्रामीण। संवाद
- फोटो : Samvad
ग्राम पंचायत कजरौठी में आरआरसी सेंटर की दीवार तोड़कर दुकानें बनाए जाने के विवाद में अब 17 अगस्त को ग्रामीण पंचायत कर सर्वसम्मति से फैसला करेंगे। पंचायत में ग्रामीण तय करेंगे कि आरआरसी सेंटर के स्थान पर क्या बनवाया जाए। डीएम के निर्देश पर मंगलवार को तीन सदस्यीय टीम ने गांव पहुंचकर प्रकरण की जांच की।
जिला पंचायतराज अधिकारी राकेश बाबू ने बताया कि पंचायत में ग्रामीणों की सहमति से जो निर्णय होगा, उसी के आधार पर प्रस्ताव पारित किया जाएगा। मंगलवार को जिलाधिकारी अतुल वत्स के निर्देश पर जिला पंचायतराज अधिकारी राकेश बाबू, खंड विकास अधिकारी सुरेश कुमार और एडीओ पंचायत रामकिशन ने गांव पहुंचकर आरआरसी सेंटर का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से पूरे मामले की जानकारी लेने के साथ उनकी आपत्तियां सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2023 में कचरा प्रबंधन के लिए स्थापित आरआरसी सेंटर वर्तमान में संचालित है। इसके बावजूद कुछ दिन पहले सेंटर की सड़क किनारे वाली दीवार तोड़ दी गई और सामने के हिस्से में दुकानें बनाए जाने की तैयारी की जा रही थी। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया।
इससे पहले शुक्रवार को निर्माण कार्य शुरू होने की जानकारी पर ग्रामीणों ने हंगामा किया था। सूचना पर नायब तहसीलदार प्रतीक्षा कटारा और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवा दिया था। मंगलवार की बैठक में ग्रामीणों ने आरआरसी सेंटर तोड़कर दुकानें बनाने के बजाय गांव में बरातघर निर्माण का सुझाव दिया। ग्रामीणों का कहना था कि इससे शादी-विवाह और अन्य आयोजनों में सुविधा मिलेगी। अधिकारियों की मौजूदगी में 17 अगस्त को पंचायत आयोजित करने पर सहमति बनी। पंचायत सचिव शैलेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।