जिला पोषण समिति की बैठक जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार की अध्यक्षता में हुई। इसमें गर्भवती महिलाओं, कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के दिए निर्देश गए। इसके अलावा उनके खान-पान व टीकाकरण का विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।
बैठक में डीएम द्वारा सभी कन्वर्जेन्स विभागों द्वारा किये गए कार्यो की समीक्षा की गई। जनपद स्तरीय अधिकारियो द्वारा कुपोषण मुक्त बनाये जाने के उद्देश्य से कुपोषित ग्राम पंचायतों को सुपोषित बनाने के क्रम में जिलाधिकारी द्वारा सभी जनपद स्तरीय अधिकारियो को निर्देश दिए गए कि कुपोषित बच्चों को पुष्टाहार देकर कुपोषण मुक्त बनाएं। गर्भवती महिलाओ के खान-पान पर विशेष ध्यान देने तथा नवजात का वजन कराकर देखा जाए कि बच्चा स्वस्थ है कि नहीं। यदि बच्चा अस्वस्थ है तो मां को आयरन की गोली के साथ विटामिंस भी दिए जाएं। उससे जुड़े सभी खान-पान व टीकाकरण का विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश भी उन्होंने दिए।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि गर्भवती महिलाओं को हरी साग-सब्जियां अधिक मात्रा में खाने के लिए आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से प्रेरित करें, जिससे कि वे स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सके। सभी सीडीपीओ को निर्देश दिया कि जो बच्चे रेड श्रेणी में हैं, उनकी नियमित जानकारी रखें। साथ ही उन्हें समुचित मात्रा में पोषाहार उपलब्ध कराकर हरी श्रेणी में लाना सुनिश्चित करें।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी डीके सिंह ने बताया कि 0-05 वर्ष तक के 169419 बच्चों को चिन्हित किया गया था। इसमें 120248 बच्चों का वजन किया गया, जिसमें 101923 ग्रीन श्रेणी के, 16215 पीली श्रेणी के तथा 2110 बच्चे लाल श्रेणी के हैं। पोषाहार हेतु 41598 गर्भवती एवं धात्री को पंजीकृत किया गया, जिसके सापे़क्ष 36127 गर्भवती एवं धात्री को लाभान्वित किया गया। 06 माह से 03 वर्ष के 84425 बच्चों को पंजीकृत किया गया। जिसके सापेक्ष 68584 बच्चों को लाभान्वित किया गया। इसी प्रकार 03 वर्ष से 06 वर्ष के 60462 बच्चों का पंजीकरण किया गया है। जिसके सापेक्ष 34319 बच्चों को पोषाहार वितरण कर लाभान्वित किया गया।
उन्होंने बताया कि जनपद में सुपोषित किए जाने हेतु 28 गंावों का चिन्हीकरण किया गया था। जिसके सापेक्ष 06 गांव सुपोषित की श्रेणी में आ गए हैं। पोषण पुनर्वास केन्द्र में आगनवाड़ी द्वारा 07 बच्चों को भर्ती कराया गया है। बैठक में सीडीओ आरबी भास्कर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बृजेश राठौर, जिला विद्यालय निरीक्षक सुनील कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी सुरेन्द्र यादव, सीडीपीओ आदि मौजूद थे।