गांव में शोक की लहर, हर कोई स्तब्ध
हादसे की खबर मिलते ही महौ गांव में शोक की लहर दौड़ गई। आसपास की दुकानें भी बंद रहीं। बड़ी संख्या में व्यापारी श्यामबाबू के घर पहुंचे। हर कोई घटना से स्तब्ध दिखा। घर पर श्यामबाबू के भाई व भतीजे मौजूद थे। सरिता भाजपा के महिला मोर्चा में जिला महामंत्री भी रह चुकी हैं। दिन भर सांत्वना देने वालों का जमघट लगा रहा। श्यामबाबू व उनके भाइयों की दुकानें मुख्य बाजार में है, जिस कारण वहां भी सन्नाटा देखने को मिला।
बेटे-बहू को नहीं दी मौत की खबर
श्यामबाबू के इकलौते बेटे कृष्णा व उनकी पत्नी को बहन छवि व मां सरिता की मौत की सूचना नहीं दी गई थी। कृष्णा को यही बताया गया कि हादसा हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार दोपहर तक शवों के गांव आने की संभावना है।