संवाद न्यूज एजेंसी, हसायन।
क्षेत्र के गांव नगला मया में पिछले कई वर्षों से खारे पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को आज तक इससे निजात नहीं मिली है। गांव के लोगों ने इसे लेकर आंदोलन भी किया था, जिसके बाद प्रदेश सरकार ने इस समस्या के निदान के लिए बजट भी जारी कर दिया, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा है।
नगला मया की जन कल्याण समिति के अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह ने गांव में कई बार इस समस्या को लेकर क्रमिक अनशन भी किया था। अब गांव के मासूम बच्चों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस समस्या से निजात दिलाने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में मीठे पानी के लिए पेयजल योजना की मंजूरी के बावजूद जल निगम के अधिकारियों ने इस पर काम नहीं कराया है।
गांव निवासी निकुंज ने अपने पिता चंद्रपाल सिंह के माध्यम से पीएम व सीएम को भेजे पत्र में कहा है कि पिछले वर्ष अगस्त में इस पेयजल योजना को मंजूरी मिली थी मगर प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता से अब तक इसका काम पूरा नहीं हो सका है। जिस क्षेत्र से होकर इस परियोजना की पाइप लाइन निकलेगी, वहां जुलाई में धान की खेती शुरू हो जाएगी। चंद्रपाल सिंह ने कहा है एक बार धान की खेती का कार्य शुरू होने के बाद पांच माह तक कोई भी परियोजना संबंधी काम नहीं हो पाएगा।
जब भी वह इस संबंध में शिकायत लेकर डीएम के पास जाते हैं तो उनके सुरक्षा कर्मी उन्हें मिलने नहीं देते। अब ऐसे में उनकी पुकार कौन सुनेगा। मासूम बच्चों ने पीएम व सीएम से सवाल किया है कि उन जैसे हजारों मासूम बच्चों का भविष्य खारे पानी की समस्या से निजात के लिए लड़ते हुए बीत जाएगा। उनके माता-पिता गांव से तीन किलोमीटर दूर लगे नल से पानी भरने जाते हैं। वहां सुबह से ही काफी भीड़ जमा हो जाती है। कोरोना काल में भीड़ की वजह से संक्रमण का डर रहता है।