मासूम अखिलेश अन्य मजदूरों के बच्चे प्रथम तल पर बनी बैरक में खेल रहे थे। यकायक प्रथम तल पर रखा लोहे के जंगला गिर गया। जंगला सीधा अखिलेश के सिर के लगा, वह बेहोश हो गया।
कोतवाली हाथरस क्षेत्र के नगला बिछिया में 4 जुलाई शाम को निर्माणाधीन जिला कारागार परिसर में प्रथम तल पर रखा लोहे का जंगला एक बालक अखिलेश (10) के ऊपर गिर गया और दबकर उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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अखिलेश महौबा जिले के गांव मवईखुर्द निवासी राजा का पुत्र था। वह अपनी पत्नी रानी, बेटे अखिलेश, कमलेश, बेटी सुनीता और रागिनी के साथ करीब आठ माह से कारागार निर्माण में राज मिस्त्री कार्य करते हैं। उनकी पत्नी और भाई भी उनके साथ काम करते हैं। दंपती रोजाना की तरह निर्माण कार्य में लगा था।
4 जुलाई की शाम को करीब चार बजे करीब उनके वह अन्य मजदूरों के बच्चे प्रथम तल पर बनी बैरक में खेल रहे थे। यकायक प्रथम तल पर रखा लोहे के जंगला गिर गया। जंगला सीधा अखिलेश के सिर के लगा, वह बेहोश हो गया। जंगला गिरते ही परिवार के सदस्य व अन्य मजदूर मौके पर पहुंचे। बच्चे को जंगले के नीचे से निकाला और उसे लेकर बागला जिला अस्पताल पहुंचे। यहां चिकित्सक ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
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बच्चे की मौत से कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमर्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पिता की जुबां पर सिर्फ एक बात थी कि रोजी रोटी के लिए परिवार के साथ काम करने आया था, यहां तो घर का एक दीपक बुझ गया। अब किस मुंह से अपने परिवार के सदस्यों के सामने जा पाऊंगा।