इस बार स्वास्थ्य विभाग के कागजों में संक्रामक रोगी वार्ड बन गया है। इसके अलावा जिला अस्पताल में फीवर डेस्क भी कहीं नजर नहीं आ रही है। इस बात को लेकर अगर ये कहें कि सब कुछ कागजों में हो रहा है तो गलत नहीं होगा।
बारिश के दिनों में संक्रामक रोगों को देखते हुए जिला अस्पताल सहित जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर संक्रामक रोगी वार्ड बनाए जाते हैं, ताकि संक्रामक रोग (बुखार, डेंगू, चिकनगुनिया) के रोगियों को अलग से वार्ड में भर्ती किया जा सके।
जिला मलेरिया अधिकारी के अनुसार तो ये वार्ड तैयार हो चुके हैं और जिला अस्पताल में फीवर हेल्प डेस्क बन चुकी है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। गुरुवार को यह सच्चाई जानने के लिए जिला अस्पताल का भ्रमण किया, जिसमें पाया कि न तो संक्रामक रोगी वार्ड बना है और न ही अस्पताल की ओपीडी में फीवर हेल्प डेस्क बनाई गई है।
जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर संक्रामक रोगी वार्ड बनाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा फीवर हेल्प डेस्क जिला अस्पताल की ओपीडी में बनाने को कहा गया था। अगर ऐसा नहीं हुआ है तो सीएमएस से इस संबंध में पूछा जाएगा।
डॉ. बृजेश राठौर, सीएमओ हाथरस