बारिश के मौसम में सर्प दंश की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र के चार गांवों में बीते दो दिन में सर्पदंश की चार घटनाएं हुईं। चारों पीड़ितों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की इमरजेंसी सेवा में ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने तत्काल उपचार कर उनकी जान बचा ली। डॉक्टरों ने कहा है कि सर्पदंश की घटना होने पर बायगीर के चक्कर में समय बर्बाद न करें। तत्काल पीड़ित को अस्पताल ले जाएं।
सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र के जीटी रोड स्थित गांव चादनपुर निवासी रूपेश (10) को शनिवार को सर्प ने डस लिया। उसे तत्काल इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां इलाज के बाद वह ठीक हो गया। बीते शुक्रवार को गांव खेड़िया कला निवासी नीरजा (30), गांव मुगलगढ़ी निवासी रामलखन (22), गांव कुठिला कासिमपुर निवासी मीरा (17) को भी घरों में सांप ने डसा था। इन सभी को परिजन तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की इमरजेंसी सेवा में ले गए। जहां कई घंटे के इलाज के पश्चात इन सभी की जान बचा ली गई। इसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली।
सिकंदराराऊ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ.राज वर्मा ने लोगों से अपील की है कि वह रात्रि में अंधेरे स्थान पर न जाएं। घरों में निरंतर रोशनी बनाए रखें। सर्प दंश होने पर बायगीर के चक्कर में न पड़ें। पीड़ित को तत्काल निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर जाएं। वहां सर्प दंश के उपचार का इंजेक्शन लगवाएं। जिससे पीड़ित की जान बचाई जा सकती है।