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दो दिन में नहीं हुआ इंतजाम तो तहसील में बांध देंगे आवारा पशु

Sat, 29 Dec 2018 12:08 AM IST
Mohd Rafeek न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
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धरना प्रदर्शन स्थल पर एसडीएम को ज्ञापन सौंपते किसान नेता। - फोटो : अमर उजाला
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फसलों को बर्बाद कर रहे आवारा गोवंश को स्कूलों, जल निगम की टंकी आदि में बंद कर अन्नदाता सड़कों पर उतर आए। सैंकड़ों की संख्या में किसान ट्रैक्टर ट्रॉली आदि वाहनों के जरिए शुक्रवार को तहसील परिसर में पहुंच गए। यहां इन किसानों ने सादाबाद तहसील का घेराव कर लिया। इन किसानों ने धरना प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। चेतावनी दी कि यदि प्रशासन द्वारा दो दिन में आवारा पशुओं का कोई इंतजाम नहीं किया जाता है तो सोमवार को वह तहसील परिसर में आवारा पशुओं को भर देंगे। एसडीएम को डीएम के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें समस्या के समाधान की मांग की गई।
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गौरतलब हो कि पिछले काफी दिनों से आवारा पशु सांड, गाय, सुअर किसानों की गेहूं, आलू और सरसों की फसल को रौंद रहे हैं, जिससे खेत के खेत फसल तबाह हो रही है। कई गांवों में ग्रामीणों ने इन आवारा पशुओं को परिषदीय स्कूलों में भी भर दिया था। शुक्रवार को सादाबाद क्षेत्र के किसान पूर्व चेतावनी के बाद सादाबाद तहसील पर एकत्रित हुए और वहां धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक प्रताप चौधरी ने कहा कि इस समय फसल का पीक समय है। अगर आवारा पशु फसल को खत्म कर देंगे तो किसान तुरंत दूसरी फसल भी नहीं कर सकता। मुख्य सचिव ने भी यह कह दिया है सड़क या खेत पर आवारा पशु घूमते मिले तो इसकी जिम्मेदारी डीएम और एसडीएम की होगी, लेकिन वाबजूद इसके आवारा पशु सिर्फ सड़कों पर नहीं, बल्कि खेतों में भी घूूम रहे हैं। ऐेसे में यदि गांव के किसी किसान को यह आवारा पशु हानि पहुंचाते हैं तो उसकी सीधी एफआईआर अधिकारियों के खिलाफ दर्ज कराई जाएगी। क्यूं कि एदलपुर में पूर्व में साड़ द्वारा एक युवक को घायल कर दिया गया है।

उन्होने कहा कि हर जिले को आवारा पशुओ के इंतजाम करने के लिए एक करोड़ 20 लाख रुपये आए हैं, लेकिन प्रशासन ने इस धनराशि का उपयोग अभी तक नहीं किया है। प्रशासन किसानों की समस्या को सुलझाने की बजाय उन्हें विभिन्न माध्यमों से धमकियां दे रहा है, लेकिन किसान अब इसे सहन नहीं करेंगे। अगर प्रशासन ने कोई जोर जबरदस्ती की तो किसान ईंट से ईंट बजा देंगे। पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी ने कहा कि किसान परेशान हैं, पिछले कई दिनों से वह अपनी फसलों को बचाने के लिए पशुओं को स्कूलों में बंद करने का काम कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन जिम्मेदार होते हुए भी आवारा पशुओं का कोई इंतजाम नहीं कर रहा है। कहा कि प्रशासन को दो दिन का वक्त दिया जाता है, यदि दो दिन में आवारा पशुओं का कोई इंतजाम न हुआ तो सोमवार को तहसील परिसर में पशुओं को भर दिया जाएगा।
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रालोद जिलाध्यक्ष गेंदालाल चौधरी और रालोद प्रदेश महासचिव गुड्डू चौधरी ने कहा कि समस्या का समाधान न किया गया तो रालोद सड़कों पर उतरेगा। धरना स्थल पर पहुंची एसडीएम ज्योत्स्ना बंधु ने किसानों को आश्वस्त किया कि बहुत जल्द ही इन आवारा पशुओं के लिए कई जगह चारागाहों को विकसित किया जा रहा है। प्राइवेट भवन भी देखे जा रहे हैं, जिससे इन आवारा पशुओं की वहां व्यवस्था कराई जा सके, पर किसानों को थोड़ा सब्र रखना ही होगा। इस मौके पर चंद्रेश चौधरी, धर्मवीर सिंह चौहान, सुरेंद्र चौधरी, धर्मवीर सिंह चारग, कुंजिल सिंह एडवोकेट, चंद्रकांत बधौतिया, बहादुर सिंह, रामसहाय, लाहौर प्रधान, पृथ्वी सिंह प्रधान प्रतिनधि, राजेदं्र चौधरी, महाराज सिंह, करतार सिंह, बच्चू सिंह प्रधान, विशंबर सिंह, प्रेमपाल सिंह चौहान, डॉ. कालीचरन सिंह, भंडारी चौधरी, डॉ. मोनवीर सिंह, करतार सिंह, बच्चू सिंह प्रधान, विशंबर सिंह, प्रेमपाल सिंह चौहान, भोला चौधरी, देवेंद्र सिंह, हरिपाल सिंह, बीके प्रधान, आशीष चौधरी, भोला चौधरी, देवेंद्र सिंह, ओमप्रकाश मकवाना, चंचल जूरैल सहित कई गांव के किसान मौजूद थे।
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