शहर में जगह-जगह लगे अवैध होर्डिंग नगर पालिका परिषद के लिए चुनौती बन गए हैं। पालिका प्रशासन की ओर से केवल 125 स्थानों पर लगे यूनिपोल और सामान्य खंभों पर होर्डिंग या डिजिटल बोर्ड लगाने का ठेका उठा है, इन्हें छोड़कर सभी होर्डिंग और बोर्ड अवैध हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि इन अवैध होर्डिंग की वसूली कौन कर रहा है, क्योंकि नगर पालिका प्रशासन को इससे हर महीने लाखों रुपये का बड़ा झटका लग रहा है।
यह होर्डिंग शहर की सुंदरता को भी खराब कर रहे हैं। बिजली का कोई ऐसा खंभा नहीं, जिस पर होर्डिंग न लगा हो। महज 150 रुपये के फ्लैक्स को 500 रुपये के फ्रेम पर लगाकर धड़ल्ले से विज्ञापन किया जा रहा है। यह भी उल्लेखनीय है कि सब कुछ जानकर भी नगर पालिका प्रशासन इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं कर रहा है।
11 महीने की वसूली का गोलमाल
पालिका के पास नहीं है कोई जवाब
नगर पालिका की सीमा में करीब 50 यूनिपोल और 75 सामान्य पोल आते हैं, जिन पर विज्ञापन लगाए जाते हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान मार्च 2024 में नगर पालिका द्वारा इसका ठेका निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद दिसंबर 2024 तक ठेका नहीं उठा सका। जनवरी 2025 में ठेका उठाया गया। इस बीच लगभग 11 महीने की लंबी अवधि के बीच भी यूनिपोल से लेकर आम खंभों और बाजारों तक होर्डिंग लगे रहे। पालिका द्वारा लगाए गए ऑक्टागोनल स्ट्रीट लाइट पोल व शहर में लगी सामान्य स्ट्रीट लाइटों के खंभे भी होर्डिंग से पटे रहे। अब भी यही हाल है। बड़ा सवाल यह है कि इनका शुल्क कहां जा रहा है, इसका जवाब नगर पालिका के पास भी नहीं है।
जनवरी 2025 में उठा है ठेका
वर्तमान में यूनिपोल पर विज्ञापन का ठेका उठे हुए लगभग 11 महीने हो चुके हैं। जनवरी 2025 में इसका ठेका उठाया गया था। पालिका एक यूनीपोल का 25 हजार रुपये प्रति वर्ष प्रीमियम व 210 रुपये प्रति वर्ग फीट प्रति वर्ष का शुल्क लेती है, जो कि पहले 140 रुपये प्रति वर्ग फीट था।
यहां है अवैध होर्डिंग की भरमार
शहर में आगरा-अलीगढ़ रोड, गांधी तिराहे से रेलवे ओवर ब्रिज, तालाब चौराहा से मुरसान गेट, बांस मंडी चौराहा, सासनी गेट चौराहा, इगलास अड्डा चौराहा, रामलीला ग्राउंड, बैनीगंज बाजार और पंजाबी मार्केट आदि क्षेत्रों में अवैध होर्डिंग की भरमार है।
फ्लैक्स के साथ बढ़ा अवैध होर्डिंग का धंधा
फ्लैक्स के चलन के साथ ही अवैध तरीके से पालिका की संपत्ति का प्रयोग प्रचार के लिए किया जा रहा है। नियम विरुद्ध इनको लगाने वालों से कर वसूलने में पालिका प्रशासन हमेशा फिसड्डी रहा है। जिससे पालिका के कोष को हानि पहुंच रही है। इस हानि की वजह से पालिका प्रशासन शहर के लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं दे पा रहा है। अगर इसकी समुचित वसूली की जाए तो हर साल पालिका को करोड़ों रुपये के राजस्व की प्राप्ति होती।
होर्डिंग लगाने का ठेका उठ चुका है। शहर में जो अवैध होर्डिंग लगे हैं, उन्हें जल्द ही अभियान चलाकर हटाया जाएगा।
रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका हाथरस।