चिकित्सकों की कमी की वजह जिला महिला अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा रही है। घंटों इंतजार के बाद भी बुधवार को चिकित्सक ओपीडी में नहीं पहुंची तो मरीजों का धैर्य जवाब दे गया और उनकी स्टाफ के साथ नोकझोंक हुई। यह स्थिति हर दिन हो रही है।
पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी के बाहर बुधवार को मरीजों की कतार लगी थी।कई घंटे तक चिकित्सक का कक्ष खाली पड़ा रहा और कोई डॉक्टर नहीं आई तो मरीजों व तीमारदारों की वहां मौजूद स्टाफ के साथ नोकझोंक हो गई।
मरीजों का कहना है कि सुबह से डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कोई डॉक्टर नहीं आई। काफी देर तक अस्पताल में हंगामा होता रहा।मरीजों का कहना है कि 15 किलोमीटर दूर से यहां इलाज कराने आए हैं, लेकिन चिकित्सक नहीं मिलते और घंटों इंतजार करने के बाद उन्हें बिना उपचार कराए वापस लौटना पड़ रहा है। यह स्थिति लगातार बन रही है।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों के 12 पद हैं, एक चिकित्साअधीक्षक और एक चिकित्सक ही यहां तैनात है। इन पर ओपीडी, आपातकालीन सेवा, ऑपरेशन, प्रसव और चिकित्सीय परीक्षण आदि के कार्य करने पड़ते हैं। लगातार 24 घंटे ड्यूटी करने के बाद चिकित्सक को अगले दिन ऑफ दिया जा रहा है। ऐसे में चिकित्सक भी लाचार है।
ओपीडी में प्रति दिन आते हैं 250 से 300 मरीज
शहर के जिला महिला अस्पताल में शहर के अलावा जिले के कस्बा मेंडू, मुरसान, सासनी, हाथरस जंक्शन व अन्य दूर-दराज के गांवों से मरीज यहां आते हैं। प्रति दिन 250 से 300 मरीजों की ओपीडी हो जाती है। ओपीडी में प्रशिक्षु डॉक्टर ही गर्भवती महिलाओं देखकर परार्मश दे रही हैं और दवा लिख रही हैं।
काउंसलर की लगा दी ओपीडी में ड्यूटी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत किशोरियों को परामर्श व स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करने के लिए जिला महिला अस्पताल में भी किशोर स्वास्थ्य क्लीनिक साथिया केंद्र स्थिापित है। यहां तैनात सलाहकार लक्ष्मी सविता की ड्यूटी भी ओपीडी में लगा दी गई है। इसके चलते किशोर स्वास्थ्य क्लीनिक पर आने वाली किशोरियां भी वापस लौट रही है।
-ओपीडी में डॉक्टर नहीं है। कई घंटे से डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अभीतक डॉक्टर नहीं आई हैं। बिना दिखाए वापस घर जाना पड़ेगा।-लक्ष्मी, निवासी, कलवारी।
-सुबह ओपीडी में लाइन में लगे हुए हैं। डॉक्टर के आने का इंतजार करते हुए दो घंटे से ज्यादा का समय हो गया। एक डॉक्टर आईं थी, लेकिन वह कुछ देर बाद वापस चलीं गई। -आरती, निवासी, दरकौली।
-हमारे पास एक ही डॉक्टर हैं। दो चिकित्सक अवकाश पर चल रही हैं। जो डॉक्टर तैनात हैं, उन्होंने लगातार 24 घंटे ड्यूटी की थी, इसलिए बुधवार को उनका ऑफ था। सीएमओ ने जिन तीन डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई है। बुधवार को उन में से एक डॉक्टर को ड्यूटी पर आना था, लेकिन वह नहीं आई। इस संबंध में उच्चधिकारियों को कार्रवाई के लिए पत्र के माध्यम से अवगत करा दिया है।-डॉ. शैली सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका, जिला महिला अस्पताल।