अलीगढ़ के गंगीरी व आगरा में हुए हादसों में दो छात्राओं की मौत के बाद शासन ने अब स्कूल वाहनों के नियमों में सख्ती की है। एआरटीओ ने बताया कि अब यदि स्कूल वाहनों में कोई दुर्घटना होती है तो उसके सीधे जिम्मेदार स्कूल प्रबंधक व प्रधानाचार्य होंगे। उनके खिलाफ एफआईआर की जाएगी।
एआरटीओ लक्ष्मण प्रसाद ने बताया कि एक से 30 अप्रैल तक वृहद स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। केवल स्कूली वाहनों में ही छात्र-छात्राओं को ले जाया जा सकेगा। सोमवार को एआरटीओ के नेतृत्व में चले अभियान के अंतर्गत आगरा रोड व मेंडू रोड पर स्कूली वाहनों की चेकिंग की गई। फर्स्ट एड बॉक्स, रिफलेक्टर, कैमरा व अन्य कमी पाए जाने पर 10 वाहन चालकों को चालन थमाए गए।
एआरटीओ ने बताया कि नए नियमों के अनुसार यदि स्कूल वाहनों में कोई दुर्घटना होती है तो उसके सीधे जिम्मेदार स्कूल प्रबंधक व प्रधानाचार्य होंगे। प्रथम सूचना रिपोर्ट में उनका नाम शामिल किया जाएगा। स्कूल यह कहकर पल्ला नहीं झाड़ सकेंगे कि उनके स्कूल में ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था नहीं है। इसी तरह के नियमों की जानकारी देने के लिए डीएम की अध्यक्षता में बैठक होगी, जिसमें स्कूलों के प्रबंधक व प्रधानाचार्य भी उपस्थित होंगे।