संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
चंदपा दुष्कर्म कांड के दो साल पूरे हो गए। दो साल में बिटिया के गांव का माहौल बदल गया है लेकिन बिटिया का जिक्र आते ही उसके परिवार के लोग गमगीन हो जाते हैं। बिटिया के भाई ने फिर दोहराया है कि जब तक उसे न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वह अपनी बहन की अस्थियों का विसर्जन नहीं करेगा।
बिटिया के भाई का कहना है कि दो साल से उसका परिवार काफी परेशान है। सीआरपीएफ की कड़ी सुरक्षा में रह रहे हैं। रोजगार छिन चुका है। अपनी चार बीघा जमीन में बाजरे की खेती की थी लेकिन यह फसल भी अब चौपट होती जा रही है। इससे पहले इसे बाकी पर दिया था। फसल को जंगली जानवर बर्बाद कर रहे हैं।
पिछले एक माह से बारिश नहीं हुई तो सिंचाई भी नहीं हो पा रही। उसका कहना है कि उसने कुछ लोगों ने नलकूप से सिंचाई के लिए पानी मांगा लेकिन सबने बहानेबाजी कर दी और सिंचाई के लिए पानी नहीं दिया। शायद ये लोग अभी भी हमारे परिवार से द्वेष भावना रखते हैं।
उसका कहना है कि उसकी बहन ने आखिर किसी का क्या बिगाड़ा था, जोकि उसकी बहन के साथ इतनी बड़ी वारदात कर दी। पुलिस ने इतनी ज्यादती की कि किसी को अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं होने दिया। मध्य रात्रि में ही अंतिम संस्कार कर दिया। उसका कहना है कि सरकार अपना वादा निभाए।
परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी और आवास दे। इसे लेकर कोर्ट ने भी आदेश दे दिया है। उसने बताया कि यह आदेश तीन माह में पूरा करने की बात कही है। ऐसे में अभी तीन माह नहीं हुए हैं। उसने बताया कि उसके परिवार में इस समय नौ सदस्य हैं।
जैसे-तैसे गुजर-बसर कर रहे हैं। किसी के पास रोजगार नहीं है। घटना को दो साल हो गए हैं लेकिन अभी तक न्याय नहीं मिला है। उसे इंसाफ चाहिए। कोर्ट ऐसा फैसला दे, जिससे ऐसी कोई घटना किसी बहन-बेटी की साथ न हो, जैसी उसकी बहन के साथ हुई।