आरोपी आदित्य ने पुलिस को बताया कि 26 जून को करन उसके घर से गौरी को ले गया था। यह बात उसे गांव की ही एक युवती ने बताई थी। इसके बाद वह करन के गांव हसनपुर बारु अपनी मां के साथ गया था। उसने करन के परिवार वालों से पूछा था कि करन कहां है, लेकिन किसी ने कुछ नहीं बताया। उसने जानकारी मिली कि करन अपने मौसा रंजीत के यहां नगला कली में है और उसकी पत्नी गौरी उसके साथ है। 27 जून को उसने सादाबाद थाने में आकर पत्नी की गुमशुदगी का प्रार्थना पत्र दिया था। इससे पहले 26 जून को कासगंज थाने में भी प्रार्थना पत्र दिया था। आदित्य ने बताया कि 27 जून को सादाबाद थाने में उसकी पत्नी गौरी आई थी, जिससे उसने अपने साथ चलने के लिए कहा था, लेकिन वह करन के साथ रहने की जिद पर अड़ी रही, जिसके बाद वह वापस अपने घर चला गया।
आदित्य ने बताया कि करन ने उसे फिर कॉल करके उकसाया ओर कहा कि कि तुझमें दम नहीं हैं, यह मेरे साथ ही रहेगी। इसके बाद वह अपने दोस्तों के साथ उसे वापस लेने नगला कली पहुंचा था। यहां बातचीत के दौरान कहासुनी हुई तो उसने चाकू से वार कर दिया था, जिससे गोरी की मौत हो गई।