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Hathras News: हत्या के दोषी पति को 14 वर्ष के कारावास की सजा

Sat, 15 Jul 2023 01:16 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक महेंद्र श्रीवास्तव के न्यायालय ने दहेज हत्या के मामले में पति को दोषी करार देते हुए 14 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर अर्थदंड भी लगाया है। न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना हाथरस गेट के गांव नगला अलगर्जी निवासी बबलू सिंह पुत्र सुखराम ने थाना मुरसान में तहरीर दी थी। तहरीर में उसने कहा था कि उसने अपनी पुत्री अंजू की शादी हाकिम सिंह पुत्र लालाराम निवासी ग्राम नगला गोपी थाना मुरसान जनपद हाथरस के साथ चार मई 2020 को सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज देकर थी थी, फिर भी हाकिम सिंह व उसके परिवारी जन दिए गए दान दहेज से संतुष्ट नहीं थे और बार-बार सोने की चेन व मोटरसाइकिल की मांग करते थे। पुत्री के ससुर लालाराम, सास मुन्नी देवी, देवर विशाल, जेठ वीरपाल सिंह ,शेर सिंह आए-दिन मारपीट और परेशान करते थे।



21 जुलाई 2021 को सुबह नौ बजे हाकिम सिंह के पिता ने फोन से सूचना दी क्या आपकी पुत्री 20 जुलाई 2021 की शाम से लापता है। वह गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने थाना मुरसान गए तो थाना प्रभारी ने मोबाइल फोन पर एक फोटो दिखाया पूछा कि आपकी बेटी है। तब उन्होंने उसकी पहचान अपनी बेटी के रूप में की। आरोप था कि ससुराल वाले उनकी पुत्री को मारकर लुहेटा के पास सड़क किनारे फेंक गए। इस मामले में थाना मुरसान में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचनाधिकारी ने आरोपी शेर सिंह के विरुद्ध साक्ष्य न होने की वजह से नामजदगी गलत पाई।
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विवेचक ने विवेचना पूर्ण करने के उपरांत संकलित साक्ष्य के आधार पर अभियुक्तगण लालाराम, हाकिम सिंह, मुन्नी देवी, विशाल एवं वीरपाल के विरुद्ध आईपीसी की धारा 498ए, 304बी, 201 व 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 1 महेंद्र श्रीवास्तव के न्यायालय में हुई।



न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत हाकिम सिंह को दोषी करार देते हुए 14 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। न्यायालय ने इस मामले में चार आरोपियों लालाराम, विशाल, वीरपाल एवं मुन्नी देवी को दोषमुक्त कर दिया है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी राजपाल सिंह दिसवार ने की।
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