बारिश से भट्ठे पर गलकर बर्बाद हुईं कच्ची ईंटें। संवाद
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बेमौसम बरसात ने ईंट भट्ठा स्वामियों की नींद उड़ा दी है। क्षेत्र के दर्जनों भट्ठों पर लाखों रुपये की कच्ची पथी हुईं ईंटें खराब हो गईं हैं। जिससे आर्थिक संकट में घिरे भट्ठा स्वामियों ने प्रदेश सरकार से जीएसटी और खनन राजस्व में राहत देने की मांग की है।
अप्रैल, मई और जून में ईंटों को पकाया जाता है। कुछ समय पहले ही इन भट्ठों में आग डाली गई थी। मजदूर रोजाना हजारों ईंटों की पथाई कर रहे थे। पथाई के बाद सूखने पर ईंटों का चट्टा बनाकर पकने के लिए लगा दिया जाता है। सोमवार सुबह हुई बारिश से भट्ठों के आसपास रखी पथी हुई कच्ची ईंटें पानी में भीगकर खराब हो गईं। इससे भट्ठा स्वामियों को बड़ा नुकसान हुआ है।
जिला पंचायत सदस्य एवं भट्ठा स्वामी उमाशंकर गुप्ता ने बताया कि लाखों ईंटें गलकर बर्बाद हो गई हैं। भट्टा स्वामी नितिन चौहान ने बताया कि पहले से ही ईंटों की बिक्री कम थी, अब बारिश से नुकसान हुआ है। भट्ठा स्वामी जयपाल सिंह चौहान का कहना है कि भट्ठा स्वामी सरकार को प्रतिवर्ष लाखों रुपये का राजस्व देते हैं। इस आपदा को देखते हुए सरकार को जीएसटी को कम कर राहत देनी चाहिए। खनन राजस्व में भी कमी की जाए। संवाद