बेसिक शिक्षा विभाग के 350 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयाें में आज भी विद्युतीकरण नहीं हुआ है। 800 स्कूलों में फर्नीचर की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है। विभाग ने इसकी जानकारी परिषद को भी भेज दी है, जिससे आने वाले सत्र में इन विद्यालयाें में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े और वह आराम से बैठकर पढ़ाई कर सके।
बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए सरकार की ओर से भले ही करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हों, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में स्कूलों में आधारभूत समस्याओं का भी समाधान नहीं हो सका है, जबकि इन विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता की बात करना तो बेमानी के सिवाय और कुछ नहीं हैं।
जहां एक तरफ बेसिक शिक्षा विभाग इन स्कूलों के शिक्षा के स्तर को कॉन्वेंट स्कूलों के मुकाबले बनाने के लिए लगातार योजनाओं का संचालन कर रहा है, लेकिन अभी तक जिले में संचालित करीब 1,550 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में से 350 स्कूलों में अभी तक विद्युतीकरण नहीं हो पाया है।
इनमें से करीब 450 स्कूलों में फर्नीचर हैं। बाकी के स्कूलों में विद्यार्थियों के पास बैठने के लिए टाट-पट्टी भी नहीं हैं। हालात इतने खराब हैं कि विभाग की ओर से इन विद्यालयों की सफाई के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जबकि ग्राम पंचायतों में तैनात सफाई कर्मियों द्वारा इन अधिकांश विद्यालयों की सफाई करने के नाम पर आनाकानी की जाती है, लेकिन विभागीय अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी इस ओर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं।
परिषद ने विद्यालयों की सुविधाओं के संबंध में जानकारी मांगी थी। ब्लॉकों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर परिषद को सूचना भेज दी गई है, जिससे विद्युतीकरण एवं फर्नीचर की समस्या का समाधान हो सके।
-रेखा सुमन, बीएसए हाथरस