हाथरस ब्लॉक के फर्जी तरीके से खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) घोषित किए जाने का मामला सुर्खियों में आने के बाद विभागीय स्तर से लीपापोती करने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अब विभागीय अधिकारी इस मामले से अपना पिंड छुड़ाने की कोशिश में लगे हैं।
रविवार को विभागीय अधिकारियों ने उन गांवों का दौरा किया, जिन गांवों में शौचालयों का निर्माण कार्य अधूरा था। इन शौचालयों के निर्माण को भी तेजी से पूरा कराने के निर्देश अधीनस्थों को दिए। विभागीय अधिकारी एक सप्ताह में 524 शौचालय के निर्माण और 71 निर्माणाधीन शौचालयों को कागजों में पूरा करने में लगे हुए हैं। इस फर्जीवाड़े की जानकारी शासन के अधिकारियों को भी हो चुकी है। मामले में शासन स्तर से भी जल्द कार्रवाई होने का अंदेशा जताया जा रहा है।
शौचालय निर्माण के सत्यापन में 524 शौचालयों के नहीं होने और 71 शौचालय का मौके पर निर्माणाधीन होना दर्शाया गया था। अब विभागीय अधिकारी 524 शौचालयों को कागजों में कम करने में लगे हुए हैं। विभाग इन शौचालयों के पात्रों का मौके पर नहीं दर्शाकर अपनी गर्दन बचाने में लगा हुआ है। वहीं रविवार को पूरे दिन अधिकारियों की गाड़ियां उन गांवों में दौड़ती रही, जिन गांवों में शौचालयों का निर्माण कार्य अधूरा है।
विभागीय अधिकारी हर तरीके से खुद की गर्दन बचाने में लगे हुए हैं। विभाग की मानें तो उनके द्वारा कुछ गलत डाटा भी फीड हो गया है, जिसको अभी तक डिलीट नहीं किया गया है। अब अधिकारी हर पैंतरा इस्तेमाल कर खुद को बचाने की जुगत में लगे हुए है। सीडीओ एसपी सिंह ने दोनों लापरवाह अधिकारियों को एक सप्ताह का समय दिया है, अन्यथा दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को भी अवगत कराया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद अन्य ब्लॉक स्तरीय अधिकारी भी सचेत हो गए हैं।