हाथरस। खारे और दूषित पानी के लिए पेयजल की गंभीर समस्या से जूझते जिले को अब आकर शासन ने नए हैंडपंपों की मंजूरी दी है, लेकिन वो भी ऊंट के मुंह में जीरे के बराबर है। सीएम की घोषणा के अनुसार शासन ने तीनों विधानसभाओं के लिए 300 नए हैंडपंप मंजूर कर दिए हैं। यह हैंडपंप विधायकों की सिफारिश पर उनके क्षेत्रों में लगवाए जाएंगे। जल निगम ने इस काम को पूरा कराने के लिए ठेकेदारों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे गर्मी के मद्देनजर जरूरत वाले इलाकों में हैंडपंप लगाने की कार्यवाही शुरू की जा सके।
जिले में पीने के पानी की समस्या लगातार विकराल रूप लेती जा रही है। काफी समय से खराब हैंडपंपों की मरम्मत और नए लगवाने के लिए किचकिच मची हुई है, लेकिन अब आकर शासन ने नए हैंडपंपों के लिए मंजूरी दी है, लेकिन जल निगम को नहीं लगता कि इतने हैंडपंपों से जिले की जनता का कुछ भला हो पाएगा, क्योंकि जिले में अकेले रिबोरिंग योग्य हैंडपंपों की तादाद करीब पांच हजार है, जबकि नए हैंडपंपों की मांग भी लगभग इतनी ही है। फिलहाल जो हैंडपंप शासन ने दिए हैं, उन्हें लगवाने के लिए जिले की तीनों विधान सभाओं में विधायक जल निगम को स्वीकृति प्रदान करेंगे। इसके बाद जल निगम विधायकों द्वारा बताए गए स्थान पर अपने विभागीय ठेकेदारों के माध्यम से इन हैंडपंपों को अधिष्ठापित कराएगी। जिले की तीनों विधान सभाओं में 100-100 नए हैंडपंप लगवाए जाएंगे। नए हैंडपंप लगवाने के साथ विधायकों को यह भी अधिकार होगा कि वह अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुसार अपने इसी कोटे में से नए हैंडपंप लगवाने के बजाय खराब हैंडपंपों को रिबोर भी करवा सकते हैं, जिससे जनता को अधिक से अधिक दी जा सके।
शासन से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 100-100 हैंडपंप विधायकों की स्वीकृति पर लगवाने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। विधिवत रूप से टेंडर प्रक्रिया कराने के बाद हैंडपंप लगवाने का काम शुरू करा दिया जाएगा। विधायकों से भी इस बारे में प्रस्ताव मांग लिए गए हैं।
पीके अग्रवाल, एक्सईएन जल निगम