बाजार में एक समय का भोजन करने में 60 से 80 रुपये खर्च हो जाते हैं, लेकिन जिला महिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को नाश्ता व दो वक्त का भोजन उपलब्ध कराने के लिए महज 90 रुपये का बजट ही निर्धारित है। इतने कम बजट में विभाग के लिए मरीजों को पोषण युक्त नाश्ता व भोजन उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण है।
जिला महिला अस्पताल में जिले के कोने-कोने से महिला मरीज उपचार के लिए आती हैं। अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिलाओं को भर्ती किया जाता है। अस्पताल में भर्ती होने वाली महिलाओं को नाश्ता और दो समय का भोजन उपलब्ध कराने का प्रावधान है। अस्पताल के निर्धारित मेन्यू के अनुसार मरीजों को सुबह नाश्ते में दूध, ब्रेड व मक्खन उपलब्ध कराया जाता है।
इसी तरह दोपहर और शाम को खाने में मौसमी सब्जी, दाल व रोटी उपलब्ध कराई जाती है। एक मरीज को नाश्ता व दो समय का भोजन उपलब्ध कराने के लिए शासन से प्रति मरीज महज 90 रुपये प्रतिदिन का बजट निर्धारित है। ऐसे में अस्पताल में मरीजों को नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराने के नाम पर खानापूरी की जा रही है। मरीजों को पोषणयुक्त भोजन व नाश्ता नहीं मिल पा रहा।
मेरी पत्नी का प्रसव हुआ है। वार्ड में नाश्ता व भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन इसकी क्वालिटी अच्छी नहीं है।
- रामकिशन, तीमारदार, तेहरा।
मेरी पत्नी का प्रसव जिला महिला अस्पताल में हुआ है। वार्ड में नाश्ता और दो समय का भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
- संजय, तीमारदार, पैकवाड़ा।
शासन स्तर से ही प्रति मरीज 90 रुपये प्रतिदिन का बजट निर्धारित है। इतने बजट में ही मरीज को सुबह नाश्ता व दो समय का भोजन उपलब्ध कराया जाता है। हमारा प्रयास है कि मरीजों को बेहतर भोजन उपलब्ध कराया जाए।
- डॉक्टर सूर्यप्रकाश, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल व जिला अस्पताल, हाथरस।