यह होनी है आगे की कार्यवाही
चयन समिति की मंजूरी पर जगह की सीमा निश्चित करने के बाद उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद अधिनियम, 1966 की धारा 28 का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। यह प्रस्ताव मुख्यालय जाएगा। आवास आयुक्त अनुमोदन करने के बाद योजना को बोर्ड बैठक में रखेंगे। बोर्ड से मंजूरी के बाद प्रस्ताव शासन में जाएगा। इसके बाद राज्यपाल द्वारा गजट यानी आधिकारिक सूचना जारी की जाएगी। धारा 28 के तहत नोटिस जारी होने के बाद, धारा 35 के प्रावधानों के अनुसार उस क्षेत्र में बिना अनुमति के निर्माण या भूमि विकास पर प्रतिबंध लग जाता है।
जमीन पर संशय में किसान
स्थल चयन को एक वर्ष से अधिक समय होने के बाद भी कोई सूचना जारी न होने से बाद नगला अठवरिया के किसान असमंजस में हैं। बाईपास पर जमीन के दाम बढ़ते जा रहे हैं। कई जगह पर तो निर्माण कार्य भी चल रहे हैं। नई कॉलाेनी भी विकसित हो रही हैं, लेकिन आवास-विकास परिषद का इस ओर ध्यान नहीं।
40 साल से कोई योजना नहीं
आवास-विकास की जिले में एक ही योजना है, जो आगरा रोड पर है। इसके अलावा यह संस्था अन्य सरकारी विभागों के निर्माण कार्य में व्यस्त रही। जलेसर रोड पर कांशीराम टाउनशिप बनाई, वर्तमान में डायट व विद्यापति नगर में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के हॉस्टल बनाए जा रहे हैं, लेकिन अपनी योजना पर उसका का ध्यान नहीं है।