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हाथरस: बसना था नया शहर, 40 साल पहले भरी थी उड़ान, फाइलों के पिंजरे में फंसकर रह गई आवासीय योजना

Thu, 17 Sep 2026 12:05 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

आवास-विकास की जिले में एक ही योजना है, जो आगरा रोड पर है। इसके अलावा यह संस्था अन्य सरकारी विभागों के निर्माण कार्य में व्यस्त रही। जलेसर रोड पर कांशीराम टाउनशिप बनाई, वर्तमान में डायट व विद्यापति नगर में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के हॉस्टल बनाए जा रहे हैं, लेकिन अपनी योजना पर उसका का ध्यान नहीं है।
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अलीगढ़-आगरा रोड स्थित हतीसा बाईपास पर चिन्हित की गई भूमि - फोटो : संवाद
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विस्तार
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आवास-विकास परिषद हाथरस जिले में 40 साल बाद कोई आवासीय योजना लेकर आई थी। इसके तहत 100 हेक्टेयर में नया शहर बसाना है, लेकिन उड़ान भरते ही यह योजना फाइलों के पिंजरे में फंसकर रह गई है।

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परिषद ने हतीसा बाईपास पार गांव बाद नगला अठवरिया में 100 हेक्टेयर भूमि पर एकीकृत कॉलोनी विकसित करने की योजना बनाई है। इसमें आवासीय व व्यावसायिक प्लाॅट आवंटित किए जाएंगे। प्रोजेक्ट के लिए 24 जुलाई 2025 को चयन समिति मौके का निरीक्षण कर स्थान को मंजूरी दे चुकी है, जिसमें लखनऊ से भी अधिकारी आए थे। इसके बाद का काम आवास-विकास के निर्माण खंड द्वितीय का था। उसे फाइल तैयार कर मुख्यालय भेजनी थी, लेकिन फाइल अभी तक कार्यालय में ही रखी है।

स्थल का चयन हो चुका है। फाइल मुख्यालय भेजी गई थी, जिस पर कुछ आपत्तियां आई थीं। उनको दूर कराकर दोबारा फाइल भेजने की तैयारी की जा रही है। जल्द से जल्द योजना को धरातल पर उतारा जाएगा।-सूरजपाल, अधिशासी अभियंता, यूपीएवीपी, निर्माण खंड द्वितीय, आगरा

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यह होनी है आगे की कार्यवाही
चयन समिति की मंजूरी पर जगह की सीमा निश्चित करने के बाद उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद अधिनियम, 1966 की धारा 28 का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। यह प्रस्ताव मुख्यालय जाएगा। आवास आयुक्त अनुमोदन करने के बाद योजना को बोर्ड बैठक में रखेंगे। बोर्ड से मंजूरी के बाद प्रस्ताव शासन में जाएगा। इसके बाद राज्यपाल द्वारा गजट यानी आधिकारिक सूचना जारी की जाएगी। धारा 28 के तहत नोटिस जारी होने के बाद, धारा 35 के प्रावधानों के अनुसार उस क्षेत्र में बिना अनुमति के निर्माण या भूमि विकास पर प्रतिबंध लग जाता है।

जमीन पर संशय में किसान
स्थल चयन को एक वर्ष से अधिक समय होने के बाद भी कोई सूचना जारी न होने से बाद नगला अठवरिया के किसान असमंजस में हैं। बाईपास पर जमीन के दाम बढ़ते जा रहे हैं। कई जगह पर तो निर्माण कार्य भी चल रहे हैं। नई कॉलाेनी भी विकसित हो रही हैं, लेकिन आवास-विकास परिषद का इस ओर ध्यान नहीं।

40 साल से कोई योजना नहीं
आवास-विकास की जिले में एक ही योजना है, जो आगरा रोड पर है। इसके अलावा यह संस्था अन्य सरकारी विभागों के निर्माण कार्य में व्यस्त रही। जलेसर रोड पर कांशीराम टाउनशिप बनाई, वर्तमान में डायट व विद्यापति नगर में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के हॉस्टल बनाए जा रहे हैं, लेकिन अपनी योजना पर उसका का ध्यान नहीं है।
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