संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
एक अस्पताल संचालक ने कोतवाली में तहरीर देकर एक युवती के खिलाफ खुद को साजिशन फंसाने का मुकदमा दर्ज कराया है। उसने आरोप लगाया है कि एक युवती ने अपनी बातों में फंसाकर उसे अपने कमरे पर बुला लिया। वहां पहुंचते ही युवती ने कपड़े उतार दिए।
इसके बाद चार-पांच लोग वहां पहुंचे और उसे अपनी गाड़ी में डालकर ले गए। यह लोग खुद को एसओजी का बता रहे थे। इन लोगों ने उससे दस लाख रुपये मांगे। बाद में अस्पताल संचालक की पत्नी ने बीस हजार रुपये देकर जैसे-तैसे उसे छुड़ाया। हालांकि पुलिस इस पूरे मामले को संदिग्ध मान रही है। अस्पताल संचालक पिछले दिनों ही जेल से रिहा होकर आया है।
उल्लेखनीय है कि हतीसा के निकट पिछले दिनों एक अस्पताल संचालक मोहित अग्रवाल के अस्पताल पर प्रशासन ने छापा मारा था और उसका अस्पताल सील कर दिया था। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भी भेज दिया था। पिछले दिनों ही यह अस्पताल संचालक जेल से छूटकर आया है। अब इस अस्पताल संचालक ने थाना हाथरस गेट में मुकदमा दर्ज कराया है।
मोहित अग्रवाल निवासी अपर्णा रिवरव्यू अपार्टमेंट दयालबाग आगरा ने कहा है कि वह भगवंतपुर हतीसा पर नया अस्पताल खोलने जा रहा है। दो दिन पहले एक लड़की ने उसे फोन किया और अस्पताल में नौकरी मांगी। 17 अप्रैल को फिर इस लड़की का फोन आया। रिपोर्ट के मुताबिक मोहित उसी समय अलीगढ़ से हाथरस आ रहा था। तब इस लड़की का फोन फिर आया और उसने नौकरी के लिए कहा।
इस पर जब मोहित ने अस्पताल में आकर कागज जमा करने की बात कही तो लड़की ने उसे मंडी समिति के निकट अपने घर पर बुला लिया। वह लड़की के घर पर चला गया। जैसे ही मोहित घर के अंदर घुसा तो लड़की ने अपने कपड़े उतार दिए। किसी को कॉल किया। इसी दौरान वहां चार-पांच लोग आ गए। ये लोग छेड़खानी की बात कहते हुए उसे अपनी गाड़ी में बैठा लिया और दस लाख रुपये की मांग करने लगे।
साथ ही यह भी धमकी देने लगे कि यदि दस लाख रुपये नहीं दिए तो उसे छेड़खानी के केस में फंसा देंगे। आरोप है कि इसके बाद यह लोग उसे इधर उधर घुमाने लगे। इसी दौरान जब मोहित की पत्नी का फोन आया तो इन लोगों ने उसकी पत्नी से बात की और उसे भी बुला लिया। इस पर मोहित की पत्नी यहां आई और उसने बीस हजार रुपये देकर जैसे-तैसे अपने पति को इनसे छुड़ाया। इन लोगों ने मोहित के साथ मारपीट भी की।
एक युवती के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामला संदिग्ध लग रहा है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- जगदीश चंद, एसएचओ, कोतवाली हाथरस गेट