हाथरस। स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जाने वाले टीकाकरण सत्राें में अब गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच भी की जाएगी। जिससे कि प्रसवपूर्व ही महिलाओं को इस गंभीर बीमारी से बचाया जा सके और होने वाले बच्चे पर भी इस बीमारी का दुष्प्रभाव न पड़े।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं के लिए समय-समय टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाते हैं, इन टीकाकरण सत्रों में अब तक सिर्फ गर्भवती महिलाओं की सिर्फ ब्लड प्रेशर, खून, पेशाब, वजन आदि की जांच होती थी और टिटनेस का टीकाकरण किया जाता था। लेकिन अब टीकाकरण सत्रों में एचआईवी की भी जांच की जाएगी। इस जांच में यह देखा जाएगा कि गर्भवती महिला कहीं एचआईवी संक्रमित तो नहीं है। अगर जांच में महिला संक्रमित पाई जाती है तो ऐसी महिलाओं को हाथरस के अलीगढ़ से लिंक एआरटी और अलीगढ़ के एआरटी सेंटर पर उपचार कराया जाएगा। जिससे कि होने वाला बच्चा संक्रमित न हो। अलीगढ़ एआरटी सेंटर तक आने-जाने का भत्ता भी पीड़िता को दिया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया एक एनजीओ द्वारा क्रियाविंत की जाएगी। सोमवार को सीएमओ दफ्तर में ममता हैल्थ इन्स्टीट्यूट ऑफ मदर एंड चाइल्ड कलस्टर मथुरा की डीओ दीप्ती यादव ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि शंका के आधार पर हाथरस में गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच का प्रतिशत 13 फीसदी है। एचआईवी जांच के लिए जिले के प्रत्येक ब्लॉक की 6 से 7 एएनएम को 25 व 26 अप्रैल को दो दिवसीय प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इसमें देहली के प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। आउटरीच वर्कर के तौर पर यहां प्रतिमा शर्मा, राखी शर्मा काम करेंगी।
इसी महीने से विभिन्न केन्द्रों पर गर्भवती महिलाओं की एचआईवी की जांच का काम शुरू हो जाएगा। डॉ रामसिंह, सीएमओ