जिले में एचआईवी संक्रमितों की पहचान बढ़ाने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों और क्लीनिकों तक पहुंचेगा। शासन के निर्देश पर सक्रिय टीमों को निजी स्वास्थ्य केंद्रों में एचआईवी संक्रमण की आशंका वाले मरीजों की पहचान कर उनकी जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। संक्रमित मिलने पर उन्हें उपचार और परामर्श से जोड़ा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों और क्लीनिकों को इस संबंध में पत्र भी भेजा है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष जिले में 109 एचआईवी संक्रमित मिले थे, जबकि इस वर्ष अब तक 78 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। विभाग का कहना है कि संक्रमण की समय से पहचान होने पर मरीज को उपचार से जोड़ने के साथ संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए जरूरी परामर्श दिया जा सकता है।
दो महीने चलेगा विशेष जागरूकता अभियान
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 12 अगस्त से 12 अक्तूबर तक जिले में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। टीम स्कूल-कॉलेजों और मलिन बस्तियों में पहुंचकर लोगों को एचआईवी से बचाव और जांच के प्रति जागरूक करेगी। अभियान में 13 से 65 वर्ष तक के लोगों को शामिल किया जाएगा। हाई रिस्क ग्रुप को भी सूचीबद्ध कर एनजीओ के माध्यम से रोकथाम के उपाय किए जा रहे हैं।
95-95-95 लक्ष्य पर जोर
वर्ष 2030 तक एड्स को सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त करने के लक्ष्य के तहत 95-95-95 रणनीति पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत 95 प्रतिशत संक्रमितों को अपनी स्थिति की जानकारी, उनमें से 95 प्रतिशत को एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी और उपचार ले रहे 95 प्रतिशत लोगों में वायरल लोड को नियंत्रित रखना लक्ष्य है।
शासन के निर्देश पर निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में एचआईवी जांच का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। संक्रमितों की पहचान कर उन्हें उपचार और परामर्श से जोड़ना प्राथमिकता है। जागरूकता के लिए दो महीने का विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है।
डॉ. प्रवीण भारती, जिला एड्स नियंत्रण अधिकारी