संवाद न्यूज एजेंसी, सहपऊ।
क्षेत्र के गांव गढ़ी चिंता व गांव खोंड़ा में हाईटेंशन तार से निकली चिंगारी से खेतों में आग लग गई। इसमें लगभग 14 बीघा खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आग बुझाने के क्रम में महिला एवं किशोरी सहित लगभग आधा दर्जन लोग झुलस गए। दमकल गाड़ी ने ग्रामीणों की सहयोग से बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
सोमवार की दोपहर एक बजे के करीब गांव गढ़ी चिंता में एक नलकूप के लिए जा रही हाईटेंशन तार आपस में टकरा गई। तार टकराने से चिंगारी निकली और वह गांव निवासी किसान जयवीर गुप्ता पुत्र दत्त प्रकाश गुप्ता की खेत में जा गिरी। इसमें खेत में आग लग गई और करीब तीन बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
खड़ी फसल में लगी आग को देखकर पास के खेतों में काम कर रहे मजदूर इसे बुझाने के लिए दौड़े। इसी क्रम में प्रवीन, सत्यपाल, मुन्ना लाल, शकीला, आमिर व अन्य झुलस गए। सूचना पर दमकल की गाड़ी भी पहुंच गई। दमकल एवं ग्रामीणों ने आग पर बमुश्किल से काबू पाया। क्षेत्रीय लेखपाल प्रकाश चंद्र ने मौके पर पहुंच कर नुकसान का आकलन किया।
इधर, दोपहर के दो बजे क्षेत्र के गांव खोंडा में भी हाईटेंशन तार से निकली चिंगारी से किसान विषमपाल सिंह पुत्र कारे सिंह की छह बीघा पकी गेहूं की फसल एवं उसकी पत्नी मालती देवी की पांच बीघा फसल जलकर राख हो गई। आग लगने की सूचना पर गांव गढ़ी चिंता से वापस लौट रही दमकल की गाड़ी भी मौके पर ही पहुंच गई। ग्रामीणों एवं दमकल विभाग ने काफी देर बाद आग को बुझाया। इसमें विषम पाल की नातिन रूबी आग बुझाने के चक्कर में झुलस गई।
दोनों गांवों में आग लगने व बिजली विभाग की लापरवाही से लोगों में काफी आक्रोश है। उनका कहना है कि शिकायत करने के बावजूद विभाग ने न तो जर्जर तारों को बदलवाया है और नहीं उनको कसा है। जिससे हवा चलने के बाद वह आपस में नहीं टकराएं। गढ़ी चिंता के ग्रामीणों को कहना है कि हर साल गेहूं के सीजन में उनके गांव में फसल में बिजली की चिंगारी से आग लगने घटनाएं हो रही हैं लेकिन, बिजली विभाग को कोई परवाह नहीं है।