शहरी क्षेत्र में कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर हाथरस जिला प्रशासन ने इन्हें पकड़कर इनकी नसबंदी कराने के लिए आदेश दिए हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिले की किसी भी नगर निकाय में कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई संसाधन नहीं है। नगर पालिका प्रशासन ने अलीगढ़ नगर निगम से कुत्तों को पकड़ने के लिए मदद मांगी है।
जिले में मौसम में आए परिवर्तन के साथ ही कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। कुत्तों ने पिछले एक महीने में 1400 लोगों को शिकार बनाकर घायल किया है। जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार विगत एक महीने में करीब 1400 मरीज एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) की पहली खुराक लगवाने के लिए पहुंचे हैं। हाथरस में शहर से लेकर देहात तक बड़ी संख्या में कुत्ते गली-मोहल्लों में घूमते रहते हैं। यह कुत्ते आए दिन लोगों को शिकार बना रहे हैं।
इन मामलों का संज्ञान लेते हुए डीएम ने नगर पालिका परिषद को कुत्तों को पकड़वाकर नसबंदी कराने के निर्देश दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि इन कुत्तों के आतंक के आगे नगर पालिका प्रशासन बौना साबित हो रहा है। नगर पालिका हाथरस के पास कुत्तों को पकड़ने वाली गाड़ी तक नहीं है, जिससे इन्हें पकड़कर नसबंदी कराई जा सके। अब इन कुत्तों को पकड़ने के लिए अलीगढ़ नगर निगम से मदद मांगी जा रही है। एसडीएम आशुतोष सिंह ने बताया कि अलीगढ़ से गाड़ी मिलते ही कुत्तों को पकड़कर नसबंदी कराई जाएगी।