न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरर्स
इंट-भट्ठा स्वामियों के एक दिवसीय अधिवेशन का आयोजन बृहस्पतिवार को अग्रवाल सेवा सदन में हुआ। अखिल भारतीय ईंट एवं टाइल्स निर्माता फेडरेशन नई दिल्ली एवं उतर प्रदेश ईंट निर्माता समिति लखनऊ के आह्वान पर बृहस्पतिवार को जीएसटी, कोयला मूल्य वृद्धि और मिट्टी खनन में प्रशासन के कथित उत्पीड़न का विरोध किया गया। चेतावनी दी गई कि यदि मांगें न मानी गईं तो पूरी तरह से काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय ईंट-भट्ठा एसोसिएशन के महामंत्री ओमवीर सिंह, प्रदेश ईंट निर्माता एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक विजय गोयल, महामंत्री गोपी श्रीवास्तव, अतुल सिंह, केपी सिंह, बीएस संत यादव, कुमदेश यादव, नरेश शर्मा, भूपेंद्र मलिक, चौ. ऊधम सिंह, जयकरन गुप्ता, बृजमोहन शर्मा, मनीष गुप्ता आदि अन्य जिलों से पदाधिकारी शामिल हुए। अतिथियों का एसोसियेशन के पदाधिकारियों ने बुके भेंटकर स्वागत किया गया।
पदाधिकारियों ने कहा कि जीएसटी कंपोजिशन स्कीम को खत्म करते हुए स्लैब में अप्रत्याशित बढ़ोतरी की गई है। ईंट भट्ठों की थ्रेस होल्ड 40 लाख से घटाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है, लेकिन अन्य जगह थ्रेस होल्ड लिमिट 40 लाख रुपये है। मांग की गई कि पूर्व की भांति लाल ईंट निर्माताओं को कंपोजिशन स्कीम लागू की जाए। कोयले के दामों में बढ़ोतरी करने से भट्ठा चलना मुश्किल हो गया है। सीजन में जो कोयला आठ से नौ हजार रुपये टन मिलता था। अब उसके दाम दोगुने कर दिए गए हैं।
सरकार ने पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए जिग जैग टैक्नोलॉजी में परिवर्तित करने एक से दो वर्ष का समय दिया है, जोकि बहुत कम है। वर्तमान में इतने कुशल कारीगर उपलब्ध नहीं हैं, न ही सरकार द्वारा इसकी कोई डिजायन दी गई है। लाल ईंट कारोबारियों के लिए श्रम हित में कानून को सरल बनाया जाए। ईंट-भट्ठोंके लिए जेसीबी से खुदाई की अनुमति प्रदान करे। वक्ताओं ने कहा कि विनियमन शुल्क जमा होने के बाद मिट्टी के ट्रैक्टरों को बंद किया जाता है। जुर्माना लगाकर छोड़ा जाता है। लाल ईंट को सरकारी कार्यों में उपयोग का आदेश जारी किया जाए।
इस मौके पर हाथरस जिला ब्रिक किल्न एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश दीक्षित, कोषाध्यक्ष अमरीश माहेश्वरी, जिला महामंत्री कमल गोयल, राजीव भार्गव, दीपेश भार्गव, दिनेश पुंढीर, रामा पहलवान, नरेंद्र सिंह चौहान, जयपाल सिंह आदि मुख्य रूप से मौजूद थे। संवाद