न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोहरे और सर्दी के कारण रविवार को एक दर्जन बसों के पहिये थम गए। जो बसें मार्गों पर संचालित हो रही थीं, उनमें भी यात्रियों का अभाव रहा। कई कर्मचारी तो सर्दी के कारण ड्यूटी पर नहीं आए। कुल मिलाकर हाथरस डिपो को दो से तीन लाख रुपये का प्रतिदिन नुकसान उठाना पड़ा है। इसे लेकर अधिकारी खासे परेशान हैं।
जनवरी माह में एक तरफ शीतलहर जनजीवन को कंपा रही है तो दूसरी तरफ रोडवेज के अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं, क्योंकि आमदनी का ग्राफ दिन-प्रतिदिन गिर रहा है। रविवार की सुबह से शीतलहर का प्रकोप बढ़ा तो काफी कर्मी ड्यूटी पर नहीं आए। इस कारण एक दर्जन से अधिक बसों का संचालन नहीं हुआ।
जो बसें रूट पर संचालित हो रही हैं, उन बसों में यात्रियों की संख्या कम है। रविवार को भी सर्दी के चलते डिपो को करीब दो से तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ। अब डिपो के अधिकारी माघ मेला से आमदनी बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।