न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)
निकाय चुनाव के शोरगुल के बीच जिले की सबसे बड़ी पंचायत बिसावर से एक बार फिर वही पुरानी मांग उठी है। लोग चाहते हैं कि बिसावर को नगर पंचायत का दर्जा मिले और कोतवाली की स्थापना हो। इन दोनों मांगों को लेकर लोग छोटे से लेकर बड़े सरकारी दफ्तर और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो सकी है।
घुंघरू नगरी कही जाने वाली बिसावर ग्राम पंचायत की आबादी नगर पंचायत के मानकों ने अनुरूप है। 1824 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में फैली ग्राम पंचायत के लोगों को विकास और सुविधाओं के नाम पर निराशा ही हाथ लगती है। इसके चलते लंबे समय से यहां के लोग नगर पंचायत का दर्जा चाहते हैं। यहां बड़ी-बड़ी व्यापारिक गतिविधियों के अलावा बड़े पैमाने पर घुंघरू बनते है। सैकड़ों लोगों को इससे रोजगार मिलता है। बिसावर ग्राम पंचायत बड़े हिस्से में फैली है। इसलिए विकास कार्यों के लिए आया बजट कम पड़ जाता है।
बिसावर को अगर नगर पंचायत का दर्जा मिलेगा तो बजट भी बढ़ेगा और विकास भी रफ्तार पकड़ेगा। सुविधाओं में इजाफा होने के साथ-साथ रोजगार के साधन भी बढ़ना तय है। घुंघरू उद्योग को सुरक्षा और कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए कोतवाली की भी जरूरत है। हर बार चुनाव के समय यहां के लोग बड़ी उम्मीद से जनप्रतिनिधि और अफसरों के सामने दोनों मांगों को रखते चले आ रहे हैं लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। निकाय चुनाव नजदीक आते ही यहां के लोग फिर शासन तक अपनी बात पहुंचाना चाहते हैं। वर्ष 2011 में तत्कालीन विधायक देवेंद्र अग्रवाल ने बिसावर को नगर पंचायत का दर्जा दिलाए जाने के लिए जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भेजा था। सरकार बदल गई लेकिन बिसावर की किस्मत नहीं बदली। प्रस्ताव ठंडे बस्ते में पड़ गया।
आंकड़ों में बिसावर:-
आबादी- 19263
क्षेत्रफल- 1824.22 हेक्टेयर.
कुल परिवार- 3211
गांव- 18
वार्ड- 15
हैंडपंप- 228
सुलभ शौचालय- 1615
बिसावर में सार्वजनिक भवन:-
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
सामुदायिक शौचालय सामुदायिक मिलन केंद्र
प्राथमिक विद्यालय
उच्च प्राथमिक विद्यालय
पंचायत भवन
बिसावर में मौजूद सुविधाएं:-
विद्युत उपकेंद्र
पुलिस चौकी
उप डाकघर
राजकीय आईटीआई
सब्जी मंडी
आत्मनिर्भर सहकारी समिति
गैस एजेंसी
मथुरा सहकारी बैंक
केनरा बैंक
भारतीय स्टेट बैंक
ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त
बिसावर बहुत बड़ी ग्राम पंचायत है। आबादी और क्षेत्रफल नगर पंचायत के मानकों को पूरा करते हैं। इसलिए बिसावर को नगर पंचायत का दर्जा मिलना चाहिए। कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए कोतवाली की स्थापना भी जरूरी है। .... अरविंद चौधरी व्यापारी नेता।
प्रधान पद पर रहते हुए ग्राम पंचायत के विकास के दृष्टिगत नगर पंचायत का दर्जा दिलाए जाने के लिए हर संभव प्रयास किए गए थे। नगर पंचायत का दर्जा न मिलने से बिसावर काफी पिछड़ा हुआ है। यहां के लोगों की यह मांग पूरी करने में अब शासन को देरी नहीं करनी चाहिए।.... चौ. विजयपाल सिंह पूर्व प्रधान।
यहां बड़े पैमाने पर घुंघरू का काम होता है। इसलिए कोतवाली की स्थापना तो अति आवश्यक है। बिसावर को नगर पंचायत का दर्जा दिलाए जाने के लिए हमने जिला पंचायत सदस्यों के साथ करीब एक माह पहले लखनऊ में ज्ञापन सौंपा था। इसके लिए प्रयास जारी रहेगा। ...ईशान चौधरी सदस्य जिपं।
पिछले कई वर्ष से नगर पंचायत और थाना बिसावर का दर्जा पाने के लिए प्रयास कर रहा हूं । दो महीने पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को भी ज्ञापन दिया था । थाना बनने से घुंगरू उद्योग को सुरक्षा प्राप्त होगी और नगर पंचायत बनने पर संपूर्ण सुविधाएं मिलेंगी । जगवेंद्र चौधरी प्रधान प्रतिनिधि
नगर पंचायत का दर्जा और थाना बिसावर की सबसे बड़ी जरूरत है। इसके लिए मैंने लगातार प्रयास किए हैं। आगामी विधानसभा सत्र में मैं प्रमुखता से यह मांग रखूंगा। प्रयास रहेगा कि अगले निकाय चुनाव में बिसावर भी शामिल हो। ....गुड्डू चौधरी विधायक।