न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
धनतेरस से लेकर भाई दूज तक इस बार त्योहार पर कई योग और संयोग बन रहे हैं। दीपावली 24 अक्तूबर को मनाई जाएगी। वहीं सूर्यग्रहण के कारण गोवर्धन पूजा भी अब 25 की बजाय 26 अक्तूबर को होगी और उदया तिथि में दूज का मान मिलने के कारण भाई दूज का त्योहार 27 अक्तूबर को मनाया जाएगा। हालांकि इस दौरान खरीदारी के लिए कई शुभ संयोग मिल रहे हैं। विद्वानों की राय में यह संयोग लोगों पर सुख समृद्धि की बारिश करेंगे और बाजार के लिए भी फायदेमंद साबित होंगे।
आचार्य सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि त्रयोदशी 22 अक्तूबर की शाम को चार बजकर 30 मिनट पर लग रही है और 23 अक्तूबर की शाम पांच बजे तक रहेगी। धनतेरस 22 को और भगवान धन्वंतरि की जयंती 23 अक्तूबर को मनाना ही सर्वश्रेष्ठ होगी। भगवान धन्वंतरि का जन्म त्रयोदशी और चतुर्दशी के संयोग में प्रदोष काल में हुआ था। यह विशिष्ट समय 23 अक्तूबर की शाम को पांच बजकर 30 मिनट से आठ बजे तक रहेगा। यम दीपदान धनतेरस 22 अक्तूबर को मनाई जाएगी। संवाद
24 को मनाई जाएगी दीपावली
उन्होंने बताया तिथि के आगे पीछे हो जाने से इस बार नरक चतुर्दशी यानि छोटी दीपावली और बड़ी दीपावली 24 अक्तूबर को मनाई जाएगी। कार्तिक अमावस्या 24 की शाम को पांच बजे लगेगी। जो कि अगले दिन 25 अक्तूबर को शाम साढ़े चार बजे समाप्त होगी। 24 अक्तूबर की शाम को छह बजकर 30 मिनट से रात आठ बजकर 30 मिनट तक स्थिर व वृष मिल रहा है, जो महालक्ष्मी पूजन के लिए शुभ है।
25 को ग्रहण, इसलिए एक दिन बाद गोवर्धन पूजा
आचार्य सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि 25 को सूर्यग्रहण है। भारत में यह ग्रहण शाम को चार बजकर 30 मिनट से पांच बजकर 25 मिनट तक रहेगा। ग्रहण के अगले दिन प्रतिपदा तिथि में गोवर्धन पूजा होगी। कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा तिथि को इसे मनाया जाएगा। इस दिन अन्नकूट व गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जाएगा।
27 को मनेगा भाई दूज का पर्व
भाई दूज 26 अक्तूबर को दोपहर तीन बजकर 30 मिनट के बाद मिल रही है। संध्या कालीन लग्न ग्राह्य नहीं होता है। इस कारण उदया तिथि में दूज मानकर 27 अक्तूबर को दिनभर भैयादूज मनाई जाएगी।