न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शहर में जर्जर सड़कें लोगों को दर्द दे रही हैं। इस पर किसी का ध्यान नहीं है। अमृत योजना के तहत खोदी गईं करीब 200 किमी सड़कों की खोदाई के बाद सही तरीके से मरम्मत नहीं की गई है। इस कारण लोगों को राह तय करने में मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। नगर पालिका व जलनिगम की लापरवाही का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार हर घर को नल से जल देने के लिए अमृत योजना के तहत शहर को अलग-अलग जोन में बांटकर पानी आपूर्ति के लिए लाइन डाली गईं। कई महीनों से लोगों को मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है।
अब दिवाली का पर्व करीब होने के बावजूद किसी को इन सड़कों की मरम्मत की ध्यान नहीं है। इस कारण शहर की अधिकांश सड़कें जर्जर हालत में हैं। जर्जर होने के कारण यह सड़कें लोगों को दर्द परोस रही हैं। कई बार लोगों ने समस्या को दूर करने की मांग की है, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ है। इसे लेकर लोगों में गुस्सा है। संवाद
राहगीरों का दर्द
शहर में अधिकांश सड़कें जर्जर हालत में हैं। इस कारण गंतव्य की दूरी तय करना मुश्किल हो रहा है। कई बार जल निगम व नगर पालिका से सड़कों को दुरुस्त कराने की मांग की। आज तक हालत जस के तस बने हुए हैं। -विपिन जादौन
अमृत योजना के तहत खोदी गई सड़कों की सही तरीके से मरम्मत नहीं की गई है। हिचकोलों भरा सफर करने में दर्द मिल रहा है। इस पर किसी का ध्यान नहीं है। दिवाली से पूर्व रास्तों को दुरस्त कर दिया जाए तो राहत मिलेगी। -कपिल कुमार
अमृत योजना आमजन के लिए विष बनकर साबित हो रही है। अमृत योजना के तहत खोदी गई सड़कों को मानक के तहत सही नहीं किया गया है। इस कारण गंतव्य की दूरी तय करने में काफी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। -ओमप्रकाश
सरकार मूलभूत सुविधाएं देने के लिए प्रयास कर रही है। वहीं स्थानीय स्तर पर जलनिगम व नगर पालिका द्वारा समस्याओं को दूर करने के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। दिवाली से पहले इस पर अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए।
-हर्ष प्रताप