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हाथरस : वृद्ध के साथ मारपीट पर दो लोगों को डेढ़ साल कैद की सजा

सार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस 18 साल पहले घर में घुसकर मारपीट करने वाले नौ लोगों को न्यायालय ने दोषी माना है।न्यायालय ने इस मामले में गैरहाजिर सात दोषियों के विरुद्ध गैरजमानती वारंट जारी किए हैं।उन्होंने वसीयत खंडित करा दी और संजय व उसकी पत्नी को घर से निकाल दिया।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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18 साल पहले घर में घुसकर मारपीट करने वाले नौ लोगों को न्यायालय ने दोषी माना है। न्यायालय ने इस मामले में गैरहाजिर सात दोषियों के विरुद्ध गैरजमानती वारंट जारी किए हैं। वहीं दो दोषियों को डेढ़ वर्ष के कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार खजान सिंह निवासी नगला बेलनशाह की कोठी थाना कोतवाली सदर ने कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया कि उनकी उम्र 60 वर्ष है। उनके कोई संतान नहीं है। उन्होंने अपने साले तेजपाल के बेटे संजय कुमार को अपने पास रख लिया। सालों के कहने पर संजय कुमार के नाम एक वसीयत कर दी। वसीयत होने के बाद संजय व साले का व्यवहार खजान सिंह व उनकी पत्नी के प्रति बदल गया। वह उन्हें और उनकी पत्नी को जान से मारने की योजना बनाने लगे।
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उन्होंने वसीयत खंडित करा दी और संजय व उसकी पत्नी को घर से निकाल दिया। पांच नवंबर 2004 को रात्रि नौ बजे संजय कुमार, तेजपाल, नत्थीलाल, तारा उर्फ पूनम, ताराचंद बाबू निवासीगण सिकंदरपुर थाना हाथरस जंक्शन, तेज सिंह, छोटेलाल, तुलसी एक राय होकर उनके घर में घुस आए। इन लोगों ने गाली-गलौज देकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में परिवाद दर्ज हुआ।
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इस मामले की सुनवाई न्यायालय अपर सिविल जज (कनिष्ठ प्रभाग) कोर्ट संख्या पांच भावना शर्मा के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत नौ आरोपियों को दोषी मानते हुए नत्थी लाल व बाबू को न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए डेढ़ साल के कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अन्य शेष सात गैरहाजिर दोषियों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किए हैं। परिवादी की ओर से विशंभर सिंह व कुं. इसरार पुंढीर ने पैरवी की। संवाद
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